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सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है" — इस मूल मंत्र को साकार करता पक्की भायली फाउंडेशन

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 19 अप्रैल 2025
  • 1 मिनट पठन

सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है" — इस मूल मंत्र को साकार करता पक्की भायली फाउंडेशन


शीतल जल की सौगात के साथ समाजसेवा का प्रेरणादायक संदेश


जयपुर - सेवा, समर्पण और सामाजिक दायित्व की मिसाल पेश करते हुए पक्की भायली फाउंडेशन ने हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, प्रतापनगर सेक्टर 5, सांगानेर सिटी में विद्यार्थियों के लिए वाटर कूलर की स्थापना की। इस पहल का उद्देश्य न केवल बच्चों को शुद्ध और ठंडे पेयजल की सुविधा देना है, बल्कि जल संरक्षण, देशभक्ति और मानवता के प्रति दया जैसे मूल्यों को बढ़ावा देना भी है।

इस विशेष अवसर पर फाउंडेशन के फाउंडर एवं डायरेक्टर सोनू अग्रवाल, संरक्षक श्री बसंत जैन, समाजसेवा प्रमुख श्रीमती निर्मला जैन तथा चीफ जॉइंट सेक्रेटरी श्रीमती आभा बाढ़धार की गरिमामयी उपस्थिति रही।

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती सीमा शुक्ला ने अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त किया। फाउंडेशन के सदस्यों ने भी प्राचार्या का सम्मान करते हुए विद्यालय परिवार के सहयोग की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को 'जल है तो जीवन है', 'हर बूँद कीमती है' और 'देश प्रेम केवल भावना नहीं, कर्तव्य है' जैसे भावनात्मक संदेशों के माध्यम से जागरूक किया गया। बच्चों ने इस अवसर पर उत्साहपूर्वक भाग लिया और समाजसेवा से जुड़े इन महत्वपूर्ण विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।


इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब संस्थाएँ समाज के प्रति सचेत होती हैं, तो बदलाव की शुरुआत स्कूलों से होती है— वहीं से जहाँ देश का भविष्य तैयार होता है।


"सच्ची सेवा वही, जो नि:स्वार्थ हो; और सच्चा धर्म वही, जो मानवता के लिए हो।"


— रिपोर्टर: कंचनलता राजपुरोहित

 
 
 

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