श्री गणेश महोत्सव जयपुर में भक्ति और हर्षोल्लास का अद्भुत संगम
- A1 Raj
- 8 सित॰ 2025
- 2 मिनट पठन
जयपुर की गलियों में गणेश महोत्सव की धूम एक विशेष उत्साह हम लोगों में भर देती है। इस साल, 6 सितंबर 2025 को, झोटवाड़ा के नांगल जैसा बोहरा में श्री झूले लाल सेवा समिति ने श्री गणेश महोत्सव का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भक्ति और हर्षोल्लास से भरा था, जिसका हर हिस्सा दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया।

गणेश चतुर्थी के इस महापर्व पर, समिति ने सात स्थानों पर श्री गणेश जी की स्थापना की। हर दिन, सुबह और शाम, भक्ति भाव से भजनों पर नाचते हुए गणपति बप्पा की पूजा अर्चना की गई। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य विश्व के सभी सम्माननीय सनातनीयों के कल्याण की कामना करना था।
भक्ति का अद्भुत संगम
समिति के संरक्षक नानक राम थावानी ने इस अवसर पर कहा कि हमें लव जिहाद और धर्मांतरण की साजिशों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिनमें से अधिकांश युवा थे, जो अपने धर्म और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने के प्रति जागरूक हैं।
समिति के संगठन मंत्री, विकास सुखलानी, ने बताया कि इस बार पूजा अर्चना विधि विधान से की गई। हर्षिता कुमारी, महिला मंडल उपाध्यक्ष पायल विकास सुखलानी, और अन्य सदस्यों ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाया। विकास ने यह भी कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार उपस्थित लोगों की संख्या में 30% वृद्धि हुई है।
विसर्जन की हर्षोल्लास
6 सितंबर को, विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद, श्री गणेश जी महाराज का विसर्जन नजदीकी जलाशय पर किया गया। महिला मंडल की अध्यक्ष भूमि कृपलानी ने बताया कि सभी सम्माननीय सनातनी बंधुओं ने अपने परिवार के साथ इस विसर्जन में भाग लिया। वहाँ लगभग 300 परिवारों ने मिलकर गणपति बप्पा को विदाई दी।

उपाध्यक्ष हिना चंदानी ने कहा कि नम आंखों से गणपति बप्पा के जयकारे लगाए गए। प्रसाद वितरित कर शुभ कामनाएं दी गईं। यह दृश्य सच में भावुक करने वाला था, जहां हर किसी में अपने प्रिय गणेश जी को विदाई देने की भावना थी।
भविष्य की योजनाएं
समिति अध्यक्ष वासदेव रुपानी और कोषाध्यक्ष ठाकुर हरिरामानी ने बताया कि अगले साल अधिक स्थानों पर श्री गणेश महोत्सव मनाने की योजना है। उनका उद्देश्य यह है कि गजानंद महाराज की स्थापना कर इस महोत्सव को और भी भव्य बनाया जाए। उन्होंने बताया कि अगले साल 10 नए स्थानों को जोड़ने की योजना बनाई जा रही है, जिससे अधिक लोगों को इस महोत्सव का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।

समिति ने सभी सम्माननीय सनातनीयों को बधाई देते हुए शुभ कामनाएं दीं। यह महोत्सव केवल धार्मिक नहीं, बल्कि एक सामाजिक एकता का प्रतीक भी है।
समापन विचार
श्री गणेश महोत्सव का आयोजन जयपुर में भक्ति और हर्षोल्लास का अद्भुत संगम है। यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है।

इस महोत्सव के माध्यम से, हमें एकजुट होकर अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। जयपुर में इस तरह के आयोजनों से न केवल धार्मिक भावना को बल मिलता है, बल्कि यह हमें एक-दूसरे के करीब लाने का भी काम करता है।

गणपति बप्पा की कृपा से हम सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।








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