रोडवेज कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन
- A1 Raj
- 15 मार्च 2023
- 2 मिनट पठन
सत्ता में आने से पूर्व जन घोषणा पत्र में रोडवेज के सुदृढ़ीकरण के वादे को भूलकर सरकार उल्टे प्राइवेट बस माफिया को पुष्ट कर रोडवेज को निजीकरण की ओर धकेलने का प्रयास:- राज बिहारी शर्मा क्षेत्रीय संगठन मंत्री भारतीय मजदूर संघ

# *जयपुर समेत सभी आगारों में धरना प्रदर्शन कर धरने दिए गए तथा बजट की प्रतियां जलाकर जिला कलेक्टरों के माध्यम से मांगपत्र सौपे गए जिसमें रोडवेज के सुदृढ़ीकरण समेत रोडवेज के सेवारत,सेवानिवृत कर्मचारियों की विभिन्न मांगों संबंधी ज्ञापन सौपकर रोडवेज को सरकारी अनुदान से 2000 बसें तथा रोडवेज में लगभग 10000 पदों पर भर्ती तथा वेतन,पेंशन का भुगतान नियम दिवस को करने सहित 10 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया।#*

*@वर्तमान सरकार द्वारा यदि वादे निभाने पर कदम नहीं उठाए गए तो रोडवेज कर्मी आगामी दिनों में जनता के बीच जाकर परिवहन निगम के अस्तित्व को खत्म किए जाने के प्रयासों के विरोध में "जन जागरण" करेंगे तथा आम जनता से अपनी लाइफ लाइन रोडवेज को बचाने की गुहार लगाएंगे@*
जयपुर:- दिनांक 14 मार्च 2023 को राजस्थान के प्रत्येक आगार समेत जयपुर में सिंधी कैंप पर राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फेडरेशन एवं संयुक्त सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के तत्वावधान में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।
सभी आगार मुख्यालय पर बजट की प्रतियां जलाई गई। क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री राजबिहारी शर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा सत्ता में आने से पूर्व जन घोषणा पत्र में रोडवेज के सुदृढ़ीकरण एवं रोडवेज कर्मचारियों के कल्याण हेतु बातें तो लिखी गई थी लेकिन हकीकत में सरकार द्वारा प्राइवेट बस माफिया को नए परमिट जारी करने तथा रोडवेज के समानांतर एक और अथॉरिटी बनाकर रोडवेज को कमजोर किया जा रहा है।
प्रदेशअध्यक्ष फैडरेशन श्री विनोद गुप्ता ने बताया कि ओपीएस को चुनावी मुदा बनाकर सरकार द्वारा बजट में घोषणा की गई जबकि उसके भुगतान हेतु कोई बजट प्रावधान नहीं किया है।

भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के राष्ट्रीयमंत्री महेश चतुर्वेदी ने सरकार के कार्यकाल के शेष छह महीने तक संघर्ष को तीव्र करने की आवश्यकता पर बल दिया।
दूसरी ओर सेवानिवृत्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महामंत्री श्री मुरारी लाल शर्मा द्वारा बताया गया कि रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं 10 माह पूर्व रिटायर हुए कर्मचारियों को पेंशन परिलाभ नहीं मिले हैं तथा पेंशन भी दो-दो माह विलंब से दी जा रही है पूर्व में रोडवेज के सेवानिवृत कर्मचारियों के परिलाभों का भुगतान रोडवेज की बेशकीमती जमीन के पेटे 214 करोड़ उधार लेकर फंड जारी कर किया गया था आज वेतन, पेंशन भुगतान की कोई स्थाई व्यवस्था नहीं की गई है। परिवहन फेडरेशन के महामंत्री श्री सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि रोडवेज के सेवारत कर्मचारियों के हालात खराब है। 2-2 माह तक वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार रात्रि विश्राम के अंतर का भी भुगतान रोक दिया गया है।

प्रदेश प्रवक्ता एवम मीडिया प्रभारी प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकार को रोडवेज की सभी समस्याओं से निजात दिलाने के लिए रोडवेज कर्मचारियों की मांग तथा पूर्व परिवहन मंत्री एवम विधायकों की मांग को मानते हुए रोडवेज को राज्य सरकार के परिवहन विभाग में शामिल कर संचालित किया जाए।







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