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रंगमंच कलाकार सुनील सोगण ने रंगमंच व नाटक की जानकारी दी, सुकून नाटक का मंचन किया

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 4 फ़र॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

चोमूं- राजकीय लक्ष्मीनाथ शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय चीथवाड़ी में रंगमंच कलाकार गोल्ड मेडलिस्ट सुनील सोगण ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को रंगमंच व नाटक के बारे में जानकारी प्रदान की ।

उन्होंने बताया कि कलाकार में क्या-क्या गुण होने चाहिए। सोगण ने खुद के द्वारा लिखित निर्देशित लघु नाटक सुकून का 22 वां एकल मंचन किया।नाटक में मानव मन के चित्रण का मंचन किया गया।

नाटक में बताया कि एक इंसान सुकून को भूख, लूट, सत्ता, राजनीति ,दादागिरी ,सांप्रदायिकता दंगों,धर्म आदि में ढूंढने की कोशिश करता है लेकिन उसे सुकून कहीं नहीं मिलता। नाटक के अंत में बताया है कि सुकून तो मानव के भीतर है जिसे इंसानियत मानवता और भाईचारे में ढूंढा जा सकता है ।

सोगण ने बताया कि उनका लक्ष्य सुकून नाटक के सो मंचन पूरे करने का है वो शिक्षा में रंगमंच व रंगमंच के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.कैलाशचंद्र बुनकर ने सोगण की कला की प्रशंसा की और सम्मानित किया।


इस सुंदर अवसर पर प्राचार्य डॉ.कैलाश चंद्र बुनकर, श्रीमती वरिंदर भट्टाचार्य, मनीष कुमार शर्मा, सुरेश कुमार वर्मा, डॉ.ईश्वर दास शर्मा, महेश कुमार शर्मा, हंसराज दोतोलिया, मंजू रैगर,अनोप मीणा आदि महाविद्यालय के कर्मचारीगण, सरपंच प्रतिनिधि मुकेश कुमार डागर, व महाविद्यालय के विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

 
 
 

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