"रंग मल्हार, एक उमंग का त्योहार" डॉ. रेणु शाही
- A1 Raj
- 8 जुल॰ 2024
- 2 मिनट पठन
जयपुर। सात, सात, दो हजार चौबीस को ललित कला अकादमी व रंग मल्हार के सदस्यों द्वारा आयोजित पंद्रहवें रंग मल्हार का आयोजन किया गया जिसमें में इस बार "एप्रन" पर रंगों से चित्रकारी किया गया l

अच्छी वर्षा की कामना के लिए कलाकारों द्वारा इन्द्रदेव को मनाने का यह पंद्रहवां महोत्सव था, जो गत छः वर्षों से अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। यह एक अनूठा उत्सव वआयोजन था जिसमे इस बार विदेशों से भी कलाकार सम्मिलित हुए हैं, जिन्हें कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ कलाकार विद्यासागर उपाध्याय तथा सदस्यों द्वारा सम्मानित कर शुभकामनाएं और बधाई दी गई l

सभी आमंत्रित कलाकार पांच दिन तक अपनी कला का प्रदर्शन जयपुर के विभिन्न संस्थानों में करेंगे l

अच्छी वर्षा, विश्व के समृद्धि, शांति और खुशी के उद्देश्य से 'रंग मल्हार' कार्यक्रम के आयोजन में लगभग 130 कलाकारों ने हिस्सा लिया है, जिसमें श्रीलंका, बांग्लादेश, स्पेन, नेपाल आदि से आए दस कलाकार भी शामिल हैं।

सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि कलाकारों ने अपनी विशिष्ट शैली में एप्रन के ऊपर चित्रण कर राजस्थान में अच्छी बारिश की कामना की। सोमवार को आमेर, जलमहल आदि जगहों पर कलाकार चित्रत एप्रन पहनकर हेरिटेज वॉक भी करेंगे। कालक्रम में सहभागिता देने वाले वरिष्ठ कलाकारों में नाथूलाल विद्यासागर उपाध्याय जी, प्रो. भवानी शंकर शर्मा, मीनू श्रीवास्तव, विनय शर्मा, डॉ. हेमलता कुमावत, डॉ. अर्चना कुलश्रेष्ठ, डॉ. रेखा भटनागर, डॉ. लोकेश, हरिशंकर बलोंटीया,डॉ. मनी भारती, दीपिका हाजरा, आशा राम जी, हरशिव शर्मा, गौरी शंकर, संत कुमार, तेजपाल सिंह, मनीष शर्मा, देवेन्द्र कुमार भारद्वाज, डॉ. राजेंद्र प्रसाद डॉ. शकुंतला महावर, डॉ. अर्चना शर्मा, डॉ. जगदीश मीना, भावना सक्सेना, नीलम नियाजी, श्वेत गोयल, डॉ. अन्नपूर्णा शुक्ला, पूर्णिमा कौर जी, डॉ. रेणु शाही, दाऊ दयाल शर्मा, प्रिया बजाज, शालिनी शर्मा, रेखा अग्रवाल, पवन ताक, उर्मिला, रूपाल सैनी, स्नेहा, अमर प्रजापत, स्नेहा सोनी, सोनी, किरण शर्मा, मुस्कान गोयल के अतिरिक्त विभिन्न कला संस्थानों के विद्यार्थियो ने भी हिस्सा लिया l

कार्यक्रम के अंत मे सभी कलाकार जवाहर कला केंद्र में धरोहर यात्रा के तहत एकत्रित हुए जहाँ उन्होंने फोटोग्राफि और जलपान का आनंद भी उठाया l इस कार्यक्रम में महत्त्वपूर्ण बात यह है कि संयोजक के स्वास्थ्य की स्थिति अच्छी ना होते हुए भी उन्होंने आयोजन टाला नहीं, क्योंकि मैं स्वयं पिछले कई वर्षो से देख रही हूँ कि इसमें शहर और शहर के बाहर के सभी सम्मानित कलाकार आते है और जो नहीं आ सकते वो घर या स्टुडियों से ही इसमें सहभागिता करते है l यहां यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि यह आयोजन 'कलाकारों का कुम्भ' है l जहां स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ देश और विदेश के भी कलाकार आयोजन में सम्मिलित होने को आतुर रहते है l सही मायने में यह एक उल्लास से परिपूर्ण आयोजन होता है जिसमें अधिकाशं कलाकार तो इसलिए भी शिरकत करते है कि सभी से मिलना हो जाएगा l क्योंकि इस आयोजन में किसी प्रकार का कोई प्रमाण-पत्र भी नहीं मिलाता है कि यह कहा जाए कि उसकी चाह में कोई आता हो l बावजूद इसके कलाकारों का उत्साह ही देखते बनता है, सभी कलाकार अपनी-अपनी श्रेष्ठ कृतियों का उपहार देकर जाते हैं l








रंग मल्हार के आयोजन पर बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति वाला लेख, डॉ. रेनू शाही जी द्वारा लिखा गया है....वे साधुवाद की पात्र है...मेरी ढेर सारी शुभ कामनाएं।
धन्यवाद।