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भारत के कलाकारों का नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में प्रतिभागीता

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 28 मई 2023
  • 4 मिनट पठन


    नेपाल, भारत और बंग्लादेश के बीच भाई चारे को बढ़ावा देने के उद्धेश्य से 6:वी अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी 2023 का आयोजन नेपाल के काठमांडू शहर में किया गया I प्रदर्शनी का आयोजन चीबहाल आर्ट इंस्टिट्यूट, सुनाकोठी, ललितपूर , नेपाल के द्वारा वहां के एक कलात्मक होटल के कलावीथिका संजो आर्ट गैलरी, काठमांडू में हुआ l

कार्यक्रम का उद्घाटन नेपाल के वर्तमान प्रधान मंत्री के कर कमलों द्वारा फीता काटकर किया गया l इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि माननीय मंत्री (Ex. MFALD ) राजेंद्र प्रसाद श्रेष्ठ, वरिष्ठ कलाकार गेहेनड्र मांन आमर्त्य, मैनेजिंग डायरेक्ट चिरंजीवी भट्ट आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे l

            इस प्रदर्शनी में कुल 38 कलाकारों की प्रतिभागिता रही l जिसमें भारत से चार कलाकारों की कृतियों को प्रदर्शित किया गया था I

      भारतीय कलाकारों में जयपुर से डॉ. रेणु शाही, श्री नवल किशोर मिश्र और धनमेष तथा अजमेर से सुश्री ममता देवरा की कृतियां प्रदर्शित हुयी थी l अन्य कलाकारों में नेपाल से श्री चिरंजीवी भट्ट, राजन महाराजन, सरूना देवी, सोहेल कुशल, प्रकाश मीजर, मांन आमातय, सुदर्शन राज शाक्य, रिया बजरंचर्या, श्रुतकृति नाकारमी, रुखसाना महाराजन, सुषमा अग्रवाल, धृतiका तिवारी, अनिल महाराजन, सूरेन देसर, मानाहारा प्रजापति, जेनी नाकारमी, आजेश चित्कार, किरन सीघू, अच्युत महाराजन, चन्द्रा श्रेष्ठ, बिपाना महाराजन, ज्योति खादका , आर्या उदास, अर्पिता पाराजुली, मानास्वी दहल, आर्या महाराजन, इवा केसी, किशोर नकरमी, राजकुमार महाराजन, बिकास शाक्य, रेशमी माली, सुमित्रा बारल और सुषमा राज भंडारी नेपाल से तथा नफीसा इस्लाम बंग्लादेश के कलाकार थे I

 10 दिवसीय इस कार्यक्रम के दूसरे भाग में कला शिविर का उद्धाटन काठमांडू के सरकारी चीटियां घर के प्रांगण में श्री जितेंद्र कुमार श्रेष्ठ, जिला सभापति, नेपाली कॉंग्रेस के संबोधन से किया गया इस अवसर पर युवा कलाकारों के साथ संस्था के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के क्यूरेटर श्री राजन महाराजन, चिड़ियाघर के क्यूरेटर श्री गणेश कोइराला, चित्रकार सरूना महाराजन, सुषमा राज भंडारी, कमला शाक्य सृष्टि, पुलिस अधिकारी श्रीमती खिनु बिष्ट अधिकारी तथा भारतीय से आयी चित्रकार डॉ. रेणु शाही एवं फोटोग्राफर नवल किशोर मिश्र उपस्थित थे I कला शिविर 19 se 28 तक चला I शिविर में सभी कलाकारों ने कलाकृतियों का निमार्ण किया l जिसमें मूर्तिकला एवं चित्र का विशेष स्थान रहा I

पूरे कार्यक्रम में फोटोग्राफर नवल ने अपनी कला के माध्यम से सभी को उत्साह से भरते हुए पूरे कार्यक्रम की फोटोग्राफी विशेष दृष्टीकोण से तथा विशेष मुद्राओं में की l नवल वैसे तो व्यापारिक कला के विद्यार्थी है परंतु छायाचित्र में उनकी विशेष रुचि है इन्होंने बहुल से क्षेत्रों में अपनी फोटोग्राफी के अद्भुत नमूने प्रस्तुत किया है l

     राजस्थान से ही अजमेर जिले की चित्रकार सुश्री ममता देवरा अमूर्तन कला की कलाकार है I इन्होंने रंगों को उनके स्वभाव के अनुसार सामंजस्य करने की अपनी क्षमता का परिचय दिया है जो सराहनीय है l

    श्री धनमेष बुंदेला की कृतियां संगीत के अनुभवों दे सराबोर है l इन्होंने संगीत के वाद्ययंत्रों को मानव आकृतियों के साथ आपनी कृतियों में स्थान दिया है l

    इस 10 दिवसीय कार्यक्रम में डॉ. शाही को एक अतिथि चित्रकार के रूप मे आमंत्रित किया गया था I उन्होंने संस्था की ओर से आयोजित कला शिविर में कई चित्रों को बनाया और पेंटिंग का on the spot painting live demonstration देकर वहां के कलाकारों एवं कला रसिक लोगों के बीच भारत का गौरव बढ़ाया l

डॉ. रेणु जयपुर के ललित कला महाविद्यालय में चित्रकला विषय की सहायक आचार्य है तथा कला इतिहास भी पढ़ाती है l साथ ही एक कला समीक्षा भी है l उनके कला के प्रति समर्पण के कारण संस्था के अध्यक्ष श्री राजन महाराजन जी एवं नेपाल के प्रसिद्ध एवं वरिष्ठ कलाकार श्री किरन मान्धार द्वारा विशेष सम्मान प्रदान किया गया l डॉ. शाही को नेपाल के काठमांडू स्थिति त्रिभुवन विश्वविद्यालय के केंद्रीय ललित कला संकाय में भारतीय लघुचित्र परंपरा व कला एवं सौंदर्य पर व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित गया l प्रदर्शनी एवं कला कार्यशाला का आयोजन 18 se 28 मई तक रहा l इसी निरंतरता में इन्हें 23 मई 2023 को "Art and Aesthetics Forum, Nepal" द्वारा 'भारतीय सौंदर्यशास्त्र' पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया I जंहा पर इन्होंने भारतीय सौंदर्य दर्शन पर व्याख्यान दिया l वर्तमान में यह जयपुर में निवास कर रही है I परतुं काशी की स्मृतियाँ अभी भी उनके साथ है l यही कारण है कि वो अपने चित्रों में काशी के मंदिरों एवं घाटों को चित्रित करती है I नेपाल में भी इन्होंने काशी के प्रति अपने प्रेम को चित्र धरातल पर उकेरा l इनकी कला शिक्षा वाराणसी से ही हुयी है l इन्होंने जीवन का एक लंबा समय कला के क्षेत्र मे बिताया है l यहीं कारण है कि वे कला के सभी पहलुओं से अवगत है l अपने इसी अनुभवों को उन्होंने नेपाल के युवा कला विद्यार्थीयों व कला जिज्ञासुओ के साथ साझा किया l

    कला प्रदर्शनी के आयोजक श्री राजन महाराजन एवं कोषाध्यक्ष श्रीमती सरूना देवी महाराजन एवं कला वीथिका के क्यूरेटर श्री चिरंजीवी भट्ट ने सभी अतिथि कलाकारों एवं स्थानीय कलाकारों को बधाई, शुभकामनाएं व साधुवाद देकर भविष्य में और अधिक कार्यक्रम करने का आश्वासन दिया l


प्रदर्शनी में प्रतिभागिता कर रहे चित्रकारों में वरिष्ठ चित्रकार सुषमा राज भंडारी, विभागाध्यक्ष, ललित कला विभाग , यूनिवर्सल कॉलेज, काठमांडू तथा सीनियर पुलिस अधिकारी श्रीमती खिनू बिसता अधिकारी ने सभी युवा कलाकारों को उनके सफ़ल प्रयास के लिए बधाई दी l कार्यक्रम का समापन सभी को अंगवस्त्र पहनाकर तथा प्रमाण-पत्र देकर किया गया l

 
 
 

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