प्रदेश भर में श्रमिकों ने भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में निकाली श्रम रैली
- A1 Raj
- 17 सित॰ 2024
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संसार के प्रथम शिल्पी भगवान विश्वकर्मा जयन्ती 17 सितम्बर को "राष्ट्रीय श्रम दिवस' घोषित करे सरकार - हरिमोहन शर्मा, प्रदेश महामंत्री भारतीय मजदूर संघ
प्रदेश भर में श्रमिकों ने भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में निकाली श्रम रैली। भारतीय मजदूर संघ जिला जयपुर द्वारा जयपुर में यह रैली सिन्धी कैम्प से दोपहर 1.00 बजे प्रारम्भ होकर शहीद स्मारक पर सभा के साथ हुई सम्पन्न।

जयपुर 17 सितम्बर 2024 । भारत में श्रम की प्रतिष्ठा सर्वदा मान्य रही है भारतीय संस्कृति में कर्म को प्रधानता देते हुए श्रम को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। देश के श्रमिक कारीगर, मजदूर आज अपने कार्य से अवकाश रखते हुए भगवान विश्वकर्मा जी की पूजा अर्चना कर अपने औजारों का पूजन करते है व मिष्ठान वितरण कर हर्ष उल्लास से त्यौहार के रूप में मनाते है।

भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष श्री राजबिहारी शर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा जयन्ती भारत में छोटे, बडे सभी श्रमिकों द्वारा मनाया जाने वाला उत्सव है। भारतीय मजदूर संघ द्वारा इसे शोभायात्रा, रैली कर मनाया जाता है। इस दिन भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ता श्रमदान, रक्तदान एवं पौधारोपण कर श्रम दिवस को सार्थक बनाते है।

भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह डाबी ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ इस दिवस को राष्ट्रीय श्रम दिवस घोषित करवाने हेतु देश के समस्त राष्ट्रभक्त श्रमिकों का आह्वान करता है कि भगवान विश्वकर्मा जयन्ती समारोह को राष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में मान्यता प्रदान करवाने हेतु अपने प्रयास करें ।

हमें विश्वास है कि सरकारें एवं भारत में विविध क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक संगठन धीरे धीरे निश्चित रूप से श्रम एवं श्रमिकों की महत्ता को स्वीकार कर इसे राष्ट्रीय श्रम दिवस के रूप में स्वीकार करेंगे।








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