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नाटक सुकून का मंचन कर बच्चों को रंगमंच से जोड़ने की पहल की।

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 11 फ़र॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

राड़ावास -ग्राम राड़ावास स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में रंगमंच कलाकार गोल्ड मेडलिस्ट सुनील सोगण ने विद्यार्थियों को नाट्यकला व रंगमंच की जानकारी थी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए रंगमंच की शिक्षा देना जरूरी है।

नाटक सुकून का मंचन कर बच्चों को रंगमंच से जोड़ने की पहल की।
नाटक सुकून का मंचन कर बच्चों को रंगमंच से जोड़ने की पहल की।

सोगण ने खुद के द्वारा लिखित निर्देशित लघु नाटक सुकून का 24 वां एकल मंचन किया। नाटक में मानव मन के चित्रण का सजीव मंचन किया गया। नाटक में बताया कि एक इंसान सुकून को भूख, लूट, सत्ता, राजनीति, दादागिरी, सांप्रदायिक दंगों, धर्म आदि में ढूंढने की कोशिश करता है। लेकिन उसे सुकून कहीं नहीं मिलता। नाटक के अंत में बताया कि सुकून तो मानव के भीतर है जिसे इंसानियत मानवता और भाईचारे में ढूंढा जा सकता है।


सोगण शिक्षा में रंगमंच व रंगमंच के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमान कृष्ण कुमार जाट, शिक्षकों व विद्यार्थियों ने सोगण की व सुकून नाटक की प्रशंसा की।

नाटक सुकून का मंचन कर बच्चों को रंगमंच से जोड़ने की पहल की।
नाटक सुकून का मंचन कर बच्चों को रंगमंच से जोड़ने की पहल की।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्रीमान कृष्ण कुमार जाट, महेंद्र कुमार शर्मा, गेंदाराम जाट, मुकेश कुमार जाट, रमेश सिंह, सांवरमल यादव ,श्रीमती सुशीला, हजारीलाल जाट, अंजना कुमारी, अनुजा चौधरी, उषा कुमारी, मुरलीधर सैपट, श्रीमती पिंकी, श्रीमती सावित्री, दिनेश कुमार शर्मा, ज्योत्सना विद्यार्थी ,राजेंद्र कुमार मीणा,मुकेश कुमार बाज्या, निशा कुमार जाट, संत कुमार शर्मा, आदि कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

 
 
 

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