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डॉ. रेणु शाही द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध-पत्र का वाचन

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 13 फ़र॰ 2025
  • 1 मिनट पठन

"डॉ. रेणु शाही द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध-पत्र का वाचन"

"डॉ. रेणु शाही द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध-पत्र का वाचन"
"डॉ. रेणु शाही द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध-पत्र का वाचन"

हाल ही में देश की राजधानी से लगे नोएडा- बासठ स्थित भारतीय विरासत संस्थान, जो की देश की कला, संस्कृति, सभ्यता और धरोहरों के संरक्षण का कार्य करने के साथ ही कला इतिहास में स्नातकोतर और शोध का पाठ्यक्रम भी चलाती है। यही पर 8 से लेकर 11 फरवरी तक 'इंडियन आर्ट हिस्ट्री कांग्रेस, गुआहटी के साथ आई. सी. यच. आर. और संस्कृत मंत्रालय भारत सरकार के बैनर तले 'भारतीय कला में महाकाव्य' विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

"डॉ. रेणु शाही द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध-पत्र का वाचन"
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जिसमें जयपुर से डॉ. रेणु शाही ने अपना शोध पत्र "फड़ चित्रकला में रामायण" को प्रस्तुत किया। इसमें इनके सहयोगी शोध विद्यार्थी अक्षय वर्मा रहे ।

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शोध-पत्र में राजस्थान, भीलवाड़ा के जोशी परिवार के साथ उनके वंश परंपरा तथा ख्यात नाम फड़ कलाकार कल्याण जोशी के रामायण पर बने फड़ चित्र प्रर्दशनी पर प्रकाश डालते हुए फुटकर चित्रों पर भी चर्चा की गई जो सभी के लिए बहुत रुचिकर लगी।

"डॉ. रेणु शाही द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध-पत्र का वाचन"
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कार्यक्रम का उद्घाटन केन्द्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री मा. गजराज सिंह शेखावत तथा डॉ. महेश शर्मा, सांसद गौतम बुद्ध नगर के करकमलों द्वारा किया गया द्वारा किया गया था।

इस अवसर पर संस्थान के कुलपति डॉ. बी.आर. मणि, आई आर्ट हिस्ट्री कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष प्रो. मारुति नंदन तिवारी, सचिव प्रो. सोम शेखर एवं रामकथा संग्रहालय, अयोध्या के निदेशक डॉ. संजीब कुमार सिंह, राज कुमार पाण्डे की उपस्थिति से सभी लाभान्वित हुए l

 
 
 

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