खोले के हनुमान जी में लखी अन्नकूट
- A 1 Rajasthani
- 13 नव॰ 2024
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जयपुर, 13 नवम्बर। सर्व समाज के करीब पौने दो लाख भक्तजन रविवार, 17 नवम्बर 2024 को श्री खोले के हनुमान मंदिर में दोपहर 12.30 बजे से रात्री 11 बजे तक अन्नकूट प्रसादी गृहण करेंगे। अन्नकूट प्रसादी बनाने का कार्य शनिवार रात्री से प्रारंभ होकर रविवार देर रात तक चलता रहेगा। अन्नकूट प्रसादी व 56 व्यंजनों का सर्वप्रथम लक्ष्मण डूंगरी के शिखर पर विराजे श्रीराम, हनुमानजी, अन्नपूर्णा, गायत्री व माता वैष्णो, द्वादश ज्योतिर्लिंग सहित खोले के सभी देवालयों में भोग लगाया जायेगा। मंदिर प्रबंध समिति ने लक्खी अन्नकूट महोत्सव को सफल व्यवस्थित सम्पन्न कराने के लिए कमेटियां गठित की है, जिन्होंने कार्य प्रारंभ कर दिया है।

श्री नर व र आश्रम सेवा समिति (प्रन्यास) के अध्यक्ष गिरधारी लाल शर्मा ने बताया कि खोले के हनुमानजी के मंदिर में होने वाले 64वें अन्नकूट समारोह में 1.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पंगत प्रसादी में आने की उम्मीद है। ब्रह्मलीन बाबा राधेलाल जी चौबे की स्थापित परम्पराओं के अनुसार जात-पात, छोटे-बड़े और अधिकारी कर्मचारी राजनेता सभी एक ही पंगत में बैठकर प्रसादी ग्रहण करते है। धर्म एवं जाति भेदभाव रहित व्यवस्था के कारण ही अन्नकूट का यह आयोजन जयपुर ही नहीं पूरे राजस्थान में एक मिसाल माना जाता है। वर्ष 2017 में सीमित समय में 1.25 लाख भक्तजनों द्वारा अनुशासित प्रसादी ग्रहण करने का कीर्तिमान गोल्डन बुक्स ऑफ रिकार्ड में दर्ज हो चुका है। शर्मा ने कार्यक्रम जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर में परम्परागत झांकियों के साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग बर्फ की झांकी आकर्षण का के
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक ओमजी रावत ने बताया कि अन्नकूट में मूंग, चौला, बाजरा, चावल, गडमढ सब्जी, कढ़ी के साथ ही हलवा और भुजिए भी प्रसादी में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि 59 वर्ष पूर्व मात्र 2.5 किलोग्राम अन्न के साथ खोले के हनुमान जी में अन्नकूट उत्सव की शुरुआत हुई थी, जो पिछले कुछ वर्षों से लक्खी अन्नकूट में बदल गया है। समिति के संस्थापक ब्रह्मलीन पंडित राधेलाल चौबे की स्थापित परम्पराओं और प्रेरणा के मुताबिक सभी आयोजन किये जा रहे हैं। उत्सव के दौरान रविवार को खोले के हनुमान जी के फल-सब्जी की झांकी, श्री आनन्देश्वर महादेव के अन्न की झांकी, सियाराम जी महाराज की छप्पन भोग की झांकी, श्री गणेश जी के लड्डुओं की झांकी आकर्षण का केन्द्र रहेगी।
इसके अलावा अन्नपूर्णा माता के मंदिर में विभिन्न व्यंजनों की झांकी अन्नकूट स्थल पर शिव परिवार की बर्फ की झांकी, परिसर में मौजूद अन्य देवालयों में विभिन्न प्रकार की झांकियां सजाई जायेंगी। इसके अलावा आसपास के क्षेत्र के 61 मन्दिरों में भी प्रसादी का भोग लगेगा। श्री चौबे जी के प्रेरणा के अनुसार ही खोले के हनुमान जी के मन्दिर परिसर के पास स्थित हड्डीशाह बाबा की मजार पर भी छप्पन भोग, अन्नकूट की प्रसादी एवं चादर चढ़ाई जायेगी।








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