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द्वादश विशाल भजन संध्या और कलश यात्रा का भव्य आयोजन ललिता कॉलोनी में

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 30 अग॰ 2025
  • 3 मिनट पठन

जयपुर के ललिता कॉलोनी में 30 अगस्त 2025 को हुए कलश यात्रा और भजन संध्या के आयोजन ने स्थानीय समुदाय को एक नए उत्साह से भर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक एकता का प्रतीक था, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर और समुदाय के आपसी संबंधों को मजबूत करने का एक अद्भुत अवसर भी था। श्री गणपति सेवा समिति ने इसे आयोजित किया, और इस कार्यक्रम में सभी ने मिलकर एकजुटता का जश्न मनाया।

कलश यात्रा का महत्व


कलश यात्रा भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। यह मुख्यतः देवी-देवताओं की पूजा के लिए जल लाने की प्रक्रिया का प्रतीक है। इस यात्रा में श्रद्धालु अपने सिर पर कलश रखकर इसे मंदिर की ओर ले जाते हैं।

यात्रा का मार्ग


कलश यात्रा बिलेश्वर महादेव मंदिर से शुरू होकर पानी की टंकी से होते हुए 1 डी ब्लॉक, ललिता कॉलोनी, शास्त्री नगर तक पहुंची। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत गाए और नृत्य किया, जिससे मार्ग पूरी तरह से रोशन हो गया। इस दौरान, कई लोग अपने मोबाइल फोन से तस्वीरें लेते रहे, साझा करते रहे, जिससे यात्रा का आनंद और बढ़ गया।

भजन संध्या का आयोजन


भजन संध्या का आयोजन सांय 7:15 बजे शुरू हुआ। इसमें श्री श्याम सलोना म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी। भजन संध्या में भव्य भजन गाए गए, जो सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर देने में सफल रहे। एक विशेष भजन "राम नाम सुमिरन" ने तो उपस्थित लोगों को इतना उत्साहित किया कि वे सामूहिक रूप से गाने लगे।

साउंड और श्रृंगार


इस भव्य आयोजन में साउंड की व्यवस्था एस आर साउंड द्वारा की गई थी, जो कि एक प्रतिष्ठित साउंड कंपनी है। संगत संगीत को सुनने के लिए मौजूद सभी दर्शकों को एक अविस्मरणीय अनुभव मिला। श्रृंगार का कार्य सुरेश शर्मा ने किया, जिन्होंने हल्की रोशनी और सुंदर सजावट के माध्यम से माहौल को और भी अद्भुत बना दिया।

मनमोहक झांकियां


इस आयोजन में शुभम् आर्ट द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इनमें भगवान कृष्ण का जन्म, रामायण की घटनाएँ, और अन्य महाकाव्य पलों का चित्रण किया गया। इन झांकियों ने दर्शकों के लिए एक अद्भुत अनुभव प्रदान किया और सामूहिक समीक्षा में लगभग 95% लोगों ने उन्हें "आसाधारण" बताया।

समुदाय की भागीदारी


इस कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय की भागीदारी ने इसे और भी खास बना दिया। न केवल बड़े-बुजुर्ग, बल्कि बच्चे भी अपने परिवार के साथ इसमें शामिल हुए। सभी ने मिलकर सहयोग किया, जिससे यह आयोजन सफल रहा। यह एकता और भाईचारे का प्रतीक था, जो हमारे समाज की ताकत को दर्शाता है।


आयोजन का उद्देश्य


इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य धार्मिक एकता को बढ़ावा देना और समाज में सांस्कृतिक जागरूकता फैलाना था। ऐसे कार्यक्रम न केवल धार्मिक विश्वास को मज़बूत करते हैं, बल्कि समुदाय में एकता और भाईचारे को भी संचारित करते हैं।


अनुभव को यादगार बनाना


कलश यात्रा और भजन संध्या का यह आयोजन ललिता कॉलोनी में एक अद्भुत अनुभव था। इसने न केवल धार्मिक आस्था को प्रकट किया, बल्कि स्थानीय समुदाय को एकजुट करने का कार्य भी किया। ऐसे आयोजनों से हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संजोए रख सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी इसके महत्व के बारे में बता सकते हैं।


30 अगस्त 2025 को ललिता कॉलोनी में आयोजित कलश यात्रा और भजन संध्या ने सभी को एक नई ऊर्जा और प्रेरणा दी। यह आयोजन निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में भी याद रखा जाएगा।

 
 
 

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