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आईडीएएस पत्नी और रिटायर्ड एएसपी ससुर के अत्याचार से प्रताड़ित होकर बेघर हुए अजितपाल

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 28 जन॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में मानसरोवर थाना पुलिस की दबंगई


आईडीएएस पत्नी और रिटायर्ड एएसपी ससुर के अत्याचार से प्रताड़ित होकर बेघर हुए अजितपाल


अपने सम्पति के लिए दर दर भटक रहे लेकिन नहीं मिल रहा न्याय

आईडीएएस पत्नी और रिटायर्ड एएसपी ससुर के अत्याचार से प्रताड़ित होकर बेघर हुए अजितपाल
आईडीएएस पत्नी और रिटायर्ड एएसपी ससुर के अत्याचार से प्रताड़ित होकर बेघर हुए अजितपाल

जयपुर। राजस्थान के

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र सांगानेर में मानसरोवर थाना पुलिस द्वारा पत्नी और ससुर के अत्याचार से प्रताड़ित को परेशान कर इंसाफ नहीं देने का मामला सामने आया है।

अपनी इस समस्या से परेशान पीड़ित अजितपाल सिंह इस मामले में संबंधित वरुण पथ थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज करवा चुके हैं और पुलिस के आला अधिकारियों और प्रशासन को लिखित में शिकायत कर चुका है। इसके बावजूद अजितपाल की इस पीड़ा की सुनवाई नहीं की जा रही


आखिरकार अजितपाल ने मंगलवार 28 जनवरी को जयपुर में पत्रकारों से अपनी पीड़ा बयां करते हुए पुलिस व प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। गौरतलब है कि लगभग दो साल पहले राजधानी जयपुर के मानसरोवर में हीरा पथ स्थित मकान नम्बर 66/162 निवासी पीड़ित अजितपाल सिंह की पत्नी आईडीएएस अधिकारी सोनल महलावत व उनके ससुर रिटायर्ड एएसपी हकीम सिंह और उनकी सास सरोज मेहलावात और पीएनबी बैंक मुख्यालय द्वारा षड्यंत्रपूर्वक अजितपाल के मकान में रखे सामान सहित मकान पर कब्जा कर उन्हें बेघर कर दिया गया है।

इस समस्या से लगभग दो वर्षों से परेशान चल रहे पीड़ित अजितपाल सिंह राजस्थान पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के पास जाकर अपनी पीड़ा का लिखित में शिकायत पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगा चुके हैं लेकिन अजीतपाल को अभी तक कहीं से भी न्याय मिलने के बजाए उनकी पत्नी और सास–ससुर और पीएनबी बैंक अधिकारी और मानसरोवर थाना पुलिस की मिलीभगत से षड्यंत्र के जरिए फंसाया गया है। इतना ही नहीं अजितपाल के ससुर ने अपनी बेटी के जरिए फैमिली कोर्ट में डाइवोर्स के लिए याचिका भी लगवा रखी है ताकि अजितपाल सिंह और उसकी पत्नी सोनल महलावत के बीच रिश्ता पूरी तरह खत्म हो जाए और उनकी पूरी सम्पत्ति आसानी से हड़प लिया जाए।



यह है मामला–

22 अगस्त 2022 को पीएनबी बैंक द्वारा मकान को सामान सहित कब्जे में लिया गया। इसके बाद अक्टूबर 2022 में अजितपाल सिंह की गैर मौजूदगी में घर का सामान गायब कर दिया गया। उसके बाद उस मकान में किसी अन्य व्यक्ति को रहने के लिए कब्जा दे दिया गया है। इस मामले में जब संबंधित मानसरोवर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित अजितपाल ने जयपुर सेशन कोर्ट में याचिका लगाई तब जाकर कोर्ट ने 2 जून 2023 को इस मामले की तहकीकात करके संबंधित वरुण पथ थाने को रिपोर्ट दर्ज करने का ऑर्डर जारी किया। जबकि मानसरोवर थाना पुलिस ने 5 फरवरी 2024 को इस मामले की रिपोर्ट दर्ज की लेकिन इस पर उचित कार्रवाई किए बिना मामले में एफआर लगाकर इसे ठंडे बस्ते डाल दिया है जबकि पीड़ित न्याय के लिए दर दर भटक रहा है।

 
 
 

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