SEIL के माध्यम से पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ने का एबीवीपी का प्रयास सराहनीय:- राजेंद्र राठौड़
- A1 Raj
- 16 फ़र॰ 2023
- 3 मिनट पठन
*'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से किया संवाद।*
*6 जिलों विभिन्न जिलों में जाएगी यह यात्रा*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 'अंतर-राज्य छात्र जीवन दर्शन' के अंतर्गत चल रही राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा के प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा आदि अलग-अलग राज्यों में संवाद तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता की तथा यात्रा के दौरान स्थानीय महत्वपूर्ण स्थानों पर भ्रमण किया।

'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2023' में असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर , अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैंड राज्यों के 450 युवाओं के 16 समूह देश के अलग-अलग राज्यों का भ्रमण कर रहे हैं।

भारत के अलग-अलग राज्यों में इस यात्रा के दौरान हो रहे सार्वजनिक कार्यक्रमों में 'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' के माध्यम से पूर्वोत्तर के युवा अपने-अपने राज्यों की संस्कृतियों, लोकपक्ष तथा महान व्यक्तित्वों के बारे में लोगों से संवाद कर रहे हैं।

'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' के समन्वयक अनूप कुमार ने कहा कि," पूर्वोत्तर भारत विकास के नए आयामों को स्पर्श कर रहा है। सन् 1966 में शुरू हुए 'अंतर-राज्य छात्र जीवन दर्शन' ने पूर्वोत्तर भारत के युवाओं को निरंतर नए सूत्रों से जोड़ा है। इस वर्ष की राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा में अब तक के सबसे अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, शैक्षणिक संस्थानों सहित विभिन्न जगहों पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों से यात्रा में शामिल युवाओं को निरंतर नया सीखने को मिल रहा है।"

आज यात्रा के अलग-अलग समूह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक,पंजाब,गुजरात आदि राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचे। भारत की भाषाई तथा सांस्कृतिक विविधता में एकता का अनुभव इस यात्रा के माध्यम से सहज ही स्पष्ट हो रहा है। यात्रा में शामिल युवाओं का अपनी मातृभूमि के विभिन्न तत्वों के प्रति अनुभव संसार निरंतर समृद्ध हो रहा है,जो उन्हें भावी जीवन में एक बेहतर नागरिक के रूप में राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगा।"

*राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' के कार्यक्रमों में हो रहे भारतीय एकता के अद्भुत दर्शन :- अजय ठाकुर*
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अंतर-राज्य छात्र-जीवन दर्शन की 'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' के अंतर्गत *पूर्वोत्तर* के 450 युवाओं के 16 समूहों के *प्रतिनिधियों* को देश के विविध हिस्सों में भारतीय विविधता के विभिन्न पक्षों को समझने का अवसर मिल रहा है। *'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा'* के विभिन्न समूह अब तक देश के कुल 33 प्रमुख शहरों में पहुंचे हैं, जहां स्थानीय लोगों द्वारा यात्रा प्रतिनिधियों का भव्य स्वागत हुआ है, यह यात्रा अभी देश के अन्य 31 शहरों से होकर गुजरेगी।
'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' के माध्यम से पूर्वोत्तरीय राज्यों के युवा देश के विविध भाषा-भाषी समाज की परंपराओं, भोजन तथा रहन-सहन को जानते हुए भारत के समन्वयकारी स्वरूप तथा एकात्मता का प्रत्यक्ष दर्शन कर रहे हैं, यह यात्रा भारत की 'विविधता में एकता' के भाव के नए सूत्रों की व्याख्या कर रही है।

'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' की सह-समन्वयक दारिलिन तांग ने कहा कि, "पूर्वोत्तर के युवाओं ने देश के विभिन्न राज्यों की यात्रा के दौरान सिनेमा, राजनीति, व्यापार, शिक्षा आदि क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत की तथा महत्वपूर्ण बातों को जाना। 'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' में भाग ले रहे यात्रियों को निरंतर प्राप्त हो रहे अनुभव निश्चित ही इन युवाओं के साथ-साथ विभिन्न मायनों में पूर्वोत्तर के लिए शुभ हैं।"

एकात्मता यात्रा के प्रतिनिधियों ने देश की एकता, आपसी समन्वय तथा बंधुत्व भाव का सुंदर खाका खींचा है। 'राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा' के प्रतिनिधियों ने यात्रा के दौरान देश के विभिन्न स्थानों पर हो रहे कार्यक्रमों में पूर्वोत्तर की समन्वयकारी विविधता तथा पूर्वोत्तर के महापुरुषों का शेष राज्यों से परिचय कराया है।"
राजस्थान में भी 6 स्थानों पर यह यात्रा आ रही है जिसमे उदयपुर चित्तौड़गढ़ जयपुर सवाईमाधोपुर जोधपुर बीकानेर आदि स्थानों पर यह यात्रा जायेगी और यहा के परिवारों में यह लोग यहां के लोगो घरों में मिलेंगे और आपसी रहन सहन को सीखेंगे
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजेंद्र राठौड़ नेता प्रतिपक्ष मुख्य वक्ता अजय ठाकुर विशिष्ट अतिथि नीरज चोदलंकर जी प्रांत मंत्री शौर्य जैमन स्वागत समिति के अध्यक्ष भुवनेश शर्मा सचिव प्रणवेंद्र शर्मा जी महानगर मंत्री ट्विंकल शर्मा सील कोऑर्डिनेटर अंकित मंगल



































टिप्पणियां