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रेखा ने पेरिस में लगाई एग्जिबिशन

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 12 जुल॰ 2023
  • 1 मिनट पठन

वर्तमान भौतिकवादी युग में जहाँ समय अभाव के कारण लोगो की रुचि चित्र कला में जहां कम होती दिखाई पड़ती है वहीं मनोरंजन के अन्य माध्यम तेज़ी से एकरस दिनचर्या से ऊबते हुए लोगो को सूचना एवं प्रोग्योधिकी के क्षेत्रों की तरफ़ आकर्षित करते जान पड़ते है।

परंतु कला किसी आधुनिक तकनीक की मोहताज नहीं । आज भी साधारण और उबाऊ सी दिखायी पड़ने वाली यह रुचि , कला के पुजारी को प्रसिद्धि और सफलता के शिखर पर कैसे पहौंचा सकती है

इसका जीता जागता उदाहरण है राजस्थान राज्य के जयपुर ज़िले के छोटे से गाँव चौरु की रेखा सोनी । जिसने यूरोप “२२ जैसी कला प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी चित्रकला से सबका मन मोह लिया। भारतीय कला व संस्कृति से अत्यंत प्रभावित अपनी बनायी कलाकृति से एक भारतीय स्त्री के जीवन को दर्शाया है जो अपनी जीवंत संस्कृति में आनंद और संतोष के साथ जीवनयापन करती नज़र आती है।

राजस्थानी पोशाक , आभूषण , शृंगार आदि सभी उसकी सुंदरता में चार चाँद लगाते प्रतीत होते हैं । इस चित्र को प्रदर्शनी में काफ़ी सराहा गया , रंगों के चयन , आभूषण के आकार और चेहरे की आभा इस चित्र को विलक्षण प्रतिभा की धनी कुमारी रेखा सोनी ने बड़ी तन्मयता , गंभीरता व निपुणता से सृजा है ।


 
 
 

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