राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट की टीम ने गौशाला में सेवा कार्य कर युवाओं के सामने मिसाल पेश की।
- A1 Raj
- 28 मार्च 2023
- 2 मिनट पठन
राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट में राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन दिनांक 28मार्च 2023 की शुरुआत आज अलसुबह दुर्गापुरा गौ सेवा संघ के भ्रमण से हुई ।

कार्यक्रम अधिकारी पंकज यादव स्वयंसेवकों को गौ सेवा संघ दुर्गापुरा लेकर गए ।

सभी स्वयंसेवक वहां के प्रबंधक राधेश्याम से मिले और राधेश्याम ने विद्यार्थियों को गौशाला के बारे में, उसके इतिहास, उसके वर्तमान तथा उसके द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न इकाइयों और उनके प्रबंधन के बारे में जानकारी प्रदान की ।

सबसे पहले सभी स्वयंसेवकों ने गायों को हरा चारा, गुड, रोटी खिलाकर गौशाला भ्रमण की शुरुआत की।

यहां गौशाला में राजस्थान की प्रसिद्ध नस्ल थारपारकर गाय का पालन पोषण किया जाता है। यहां गायों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं जिसमें उनका उनका क्रीडा स्थल भी शामिल है।

छोटी बाछियो के लिए विशेष व्यवस्था की गई है । गायों के चारे के लिए ऑस्ट्रेलियन घास तथा नेपियर घास की की खेती भी गौशाला में ही की जाती है तथा यहां विभिन्न प्रकार के पेड़ भी लगाए गए हैं।

गायों से प्राप्त होने वाले गोबर से गोबर गैस प्लांट भी लगाया गया है जिससे यहां ऊर्जा की पूर्ति होती है और उसी बचे गोबर से वर्मी कंपोस्ट तैयार किया जाता है जिसे बाजार में बेचा जाता है तथा यहां पर गोमूत्र से विभिन्न प्रकार के अर्क बनाए जाते हैं ।

यहीं पर एक नेचुरोपैथी और आयुर्वेद के पंचकर्म आदि का अस्पताल भी संचालित किया जा रहा है जिसमें विभिन्न बीमारियों का प्राकृतिक तरीके से इलाज किया जाता है । यह सारा कार्य गौ सेवा संघ की समिति द्वारा समिति के देखरेख में किया जाता है ।

राधेश्याम जी ने बच्चों से आग्रह किया कि कि सभी विद्यार्थी अपने जीवन काल में प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें और उसका सही निस्तारण करें ताकि वह किसी गाय के पेट में जाकर उसे बीमार ना करें ।

प्रत्येक विद्यार्थी को पेड़ लगाने और पर्यावरण का संरक्षण करने का संदेश दिया । गौशाला का भ्रमण कर लेने के पश्चात सभी विद्यार्थी राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट महाविद्यालय के प्रांगण में पहुंचे और वहां अल्पाहार लिया







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