राजस्थान के उप महानिदेशक एयर कमोडोर सत्येंद्र शर्मा ने मोदी विश्वविद्यालय की एनसीसी की गतिविधियों का निरीक्षण
- A1 Raj
- 10 अप्रैल 2024
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जयपुर 10 अप्रैल 2024 ।राजस्थान निदेशालय के एयर कमोडोर सत्येंद्र शर्मा, उपमहानिदेशक एनसीसी राजस्थान एवं कमांडिंग आफिसर कर्नल बीएम एस परमार ने आज यहां मोदी विश्वविद्यालय की महाविद्यालय एवं विद्यालय की एनसीसी की छात्राओं की गतिविधियों का निरीक्षण किया।

उप महानिदेशक महोदय का सर्वप्रथम विश्वविद्यालय एवं विद्यालय की छात्राओं द्वारा पारंपरिक रूप से तिलकारचन द्वारा स्वागत किया गया ।

एयर कमोडोर सत्येन्द्र शर्मा ने गार्ड ऑफ ऑनर के निरीक्षण के तत्पश्चात विश्वविद्यालय की एनसीसी कैडेट्स एवं एनसीसी बैंड द्वारा एयर कमोडोर सत्येंद्र शर्मा को जनरल सेल्यूट दिया गया ।
इस अवसर पर संस्थान के डीन अकादमिक डॉ अनिल सुरोलिया विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती चारू शर्मा जी, संस्थान के अन्य पदाधिकारी तथा एनसीसी से जुड़े हुए अन्य सभी अधिकारी गण भी उपस्थित रहे।
प्रारंभिक स्वागत के पश्चात एयर कमोडोर द्वारा संस्थान का विहंगम अवलोकन किया गया । इसके अंतर्गत उन्होंने सर्वप्रथम परिसर में स्थापित राम मंदिर तपोवन में जाकर उन्हें सादर नमन किया ।विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों का भ्रमण भी उनके द्वारा किया गया।
स्कूल ऑफ डिज़ाइन तथा स्कूल ऑफ एटिकेट्स का अवलोकन करते हुए संस्थान की कार्यप्रणाली की भूरि भूरि प्रशंसा की । कीड़ा प्रांगण एवं विभिन्न शिलालेखों को देखकर एयर कमोडोर अभिभूत हुए बिना ना रह सके ।
उन्होंने संस्थान द्वारा संचालित समस्त गतिविधियों का अवलोकन भी किया। छात्राओं द्वारा उन्हें प्रदान की जाने वाली विभिन्न खेलकूद संबंधी जानकारी भी प्राप्त की। संस्थान की एनसीसी सीनियर विंग एवं जूनियर विंग की छात्राओं से रू ब रू होते हुए उनका मार्गदर्शन किया।

निरीक्षण के पश्चात संस्थान के डीन अकादमिक डॉ अनिल सुरोलिया तथा प्राचार्या श्रीमती चारू शर्मा जी के साथ एक औपचारिक मुलाकात संपन्न हुई जिसमें एनसीसी से जुड़े विषयों पर समवेत रूप से विचार विमर्श किया गया ।

एयर कमोडोर ने छात्राओं को अपने उदबोधन में कहा कि जीवन मे सफलता प्राप्त करने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण ,कठिन परिश्रम, क्षमता का बेहतर प्रयोग बहुत आवश्यक है।संस्थान की छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि लड़कियों में काम करने की क्षमता एवं योग्यता बहुत अधिक है। रचनात्मक कार्यों एवं निर्माण कार्यों के प्रति उनका रुझान लड़कों से अपेक्षा कृत अधिक है।सत्र समाप्ति से पूर्व उन्होंने छात्राओं को उनकी जिज्ञासा शांत करते हुए उनके द्वारा पूछे गए प्रश्नो के उत्तर दिए।

एक नेता और एक प्रबन्धक का अंतर स्पष्ट कहा हुए उन्होंने छात्राओं को सेना में भर्ती होने के लिए भी प्रेरित किया।आत्मविश्वास, सम्प्रेषण क्षमता एवं मंच भय से मुक्ति को उन्होंने सफलता का आधार स्वीकार किया।

समग्रतः यह एक ज्ञान वर्द्धक कार्यक्रम रहा
इस अवसर पर संस्थान की ओर से एयर कमोडोर को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया ।








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