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बीकानेर का एक कलाकार जिसका कर्म ही पूजा है

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 26 मार्च 2023
  • 7 मिनट पठन

बीकानेर का नेमीचंद सोनी जिसकी बचपन से ही चित्रकला में हार्दिक रूचि थी इसकी प्राईमरी व मिडल स्कूल में चित्रकला की प्रतियोगिता में हमेशा यह प्रथम आता था इसके पिताजी सोने के काम के बहुत अच्छे कलाकार थे तथा दादाजी कलाप्रेमी समाज सेवी व्यक्ति थे इसलिए अपने निवास (हवेली) में दीवारों पर उस्ता आर्ट की भव्य चित्रकारी करवाई थी






इसकी हाई स्कूल की पढ़ाई जैन हाई स्कूल में हुई जहाँ थे चित्रकला तथा हिन्दी व अंग्रेजी सुलेख पतियोगिता में हमेशा सर्वश्रेष्ठ आते थे इस कारण स्कूल को लाईब्रेरी के संचालक शुभू पटवा जो एक साहित्यकार थे उन्होंने अपनी प्रकाशित होने वाली किताब के मुख्यपेज पर प्रकृतिक दृष्य की सिनेरी बनाने के लिये कहा तो उनके बताये अनुसार वो प्राकृतिक दृष्य का चित्र वाटर कलर से बना दिया जो इनको इतना अच्छा लगा कि उस प्रकाशित होने वाली किताब का मुख्य कवर पेज बन गया।






ये चित्रकार अपने बड़े मौसरे भाई के साथ आर्यसमाज के साप्ताहिक सत्संग जाता था तथा उससे पढ़ने भी जाता था वो इनके भाई आर्यसमाज के भवन में रहकर हवन तथा सत्संग में व्यवस्था करते थे तो ये भी उसका सहयोग करता था फिर वो स्कूल अध्यापक नियुक्त होने पर समय नहीं मिलने से इस चित्रकार को सारी व्यवस्था सम्भला दी तब से उस भवन में रहकर हवन की व्यवस्था करना व उसमें भाग लेना तथा पढ़ाई भी करना जैन हाई स्कूल से मेट्रीक की परीक्षा पास कर 1967 में जैन हाई स्कूल से विद्यालय का सर्वश्रेष्ठ चित्रकार तथा हिन्दी अंग्रेजी सुलेख में सर्वश्रेष्ठ के प्रशंसा पत्रों को देखकर उच्च अधिकारी गणों ने इसे राजकीय सेवा में नियुक्त कर दिया सर्विस के साथ साथ चित्रकारी भी करते रहे।






1997 में आचार्य रजनीश के प्रवचन सुनते सुनते इतने प्रभावित हुवे की पूना जाकर वहाँ कारे गाँव स्थित ओशो इन्टरनेशनल आश्रम में ओशो रजनीश से सन्यास में दीक्षित हो गये तब उन्होंने इनका नाम नेमीचंद से बदलकर स्वामी चैतन्यसत्यार्थी रख दिया था तब से अब तक पूरे भारत में समय समय पर होने वाले मेडीटेसन कम्पों में भाग लेते रहे| देहली में में पेन्टिंग वर्कशाप प्रदर्शनी के साथ मेडीटेशन केम्प का आयोजन ताओविजन करनाल हरियाणा द्वारा हुआ उसमें इस चित्रकार ने भाग लिया तथा केम्प में पेन्टिगें बना कर प्रदर्शित की ।






सन् 2003 में देहली के इन्डियन फाईन आर्ट एण्ड क्राफ्ट सोसायटी तथा बीकानेर की क्रियेटिव आर्ट सोसायटी के संयुक्त तत्वाधान में बीकानेर के जूनागढ़ फोर्ट में कला कुम्भ का आयोजन श्रीमती किरण सोनी गुप्ता उपनिवेशन आयुक्त ने किया ये एक अच्छी आर्टिस्ट भी है यह आर्ट वर्कशाप प्रदर्शनी आल इन्डियाके आर्टिस्टों की थी जिसमें चित्रकार नेमीचंद सोनी चैतन्य ने भी भाग लिया था।





2005 को बीकानेर की क्रियेटिव आर्ट सोसायटी द्वारा बीकानेर के लालगढ़ पैलेस में पेन्टिग वर्क शाप प्रदशनी का आयोजन हुआ था तब इस चित्रकार ने रेगिस्तान के जहाज उँट की पेन्टिंग बनाई थी तथा एक किसान की पेन्टिंग बनाई थी। 2007 में देहली की फाइन आर्ट एण्ड क्राफ्ट सोसायटी द्वारा पेन्टिंग प्रदर्शनी का आयोजन वहाँ आईफेक्स भवन में आयोजित होने पर इस कलाकार ने अपनी पेन्टिंगों का प्रदर्शन किया था।






इस चित्रकार के बीकानेर स्थित जयनारायण व्यास कॉलोनी के निवास "ओशोदीप" में इस नाम से मेडीटेशन सेन्टर जो बोम्बे से आये स्वामी गोपाल भारती ने 2005 में स्थापित किया था यहाँ प्रत्येक रविवार साप्ताहिक सतसंग व आडियो विडियो ओशो प्रवचन हुआ करते थे तथा प्रत्येक वर्ष को गुरुपूर्णिमा तथा 21 मार्च को बोध दिवस तथा 19 जनवरीको जन्मदिवस व 11 दिसम्बर को ओशो जन्म दिवस व 8 सितम्बर को महाप्रयाण दिवस ये सभी उत्सव ओशोदीप मेडी- टेशन सेन्टर में लगातार आयोजित होते थे जिसमें संध्या सत्संग विथदा मास्टर व्हाइटरोब ब्रदरहुड ध्यान के साथ साथ भजन कीर्तन व गजल तथा गीत व सितार व गिटार वादन इत्यादि होता था। जिसका बीकानेर के सभी अखबारों में हर हफ्ते तथा अन्य उत्सवों की फोटो सहित न्यूज आती थी जो 2008 तक लगातार प्रकाशित होती रही





2003 में बीकानेर के जसूसर गेट के पास सीताराम भवन में इस चित्रकार ने आल इन्डिया में लेवल पर एक मेडीटेशन केम्प का आयोजन किया था जिसकी सूचना देहली से प्रकाशित 'ओशो वर्ल्ड "तथा पूना से प्रकाशित "यश ओशो" मासिक पत्रिका में उक्त केम्प की न्यूज प्रकाशित होने पर आल इन्डिया से ओशो प्रेमी लोग आये थे तब राजस्थान के तत्कालीन शिक्षा मंत्री श्री बी.डी. कल्ला केम्प में आयोजित गोष्ठी में ओशो के बारे में उद् बोधन में अपने विचार प्रकट किये थे शिविर से पूर्व सभी बीकानेर से प्रकाशित अखबारो के प्रेस रिपोर्टर की प्रेस कान्फ्रेस आयोजित की थी जिसकी सभी प्रकाशित अखबारों में फोटो सहित न्यूज छपी थी।




2009 में यह चित्रकार अपने परिवार सहित जयपुर सिफ्ट हो गया था तब इस चित्रकार ने जो बीकानेर में अपने निवास स्थित ओशो दीप ध्यान केन्द्र को यहाँ के विद्याधर नगर के 2 नम्बर सेक्टर के 43 नम्बर भवन में सिफ्ट कर दिया जो बीकानेर में कार्यक्रम होते थे वो सभी कार्यक्रम लगातार आज तक यहाँ आयोजित हो रहे है। इस चित्रकार ने अपनी पेन्टिंग कला के साथ साथ ओशो के डाईनामिक मेडीटेशन का प्रदर्शन जयपुर के दो हॉस्पीटल तथा अन्य भवनो में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में इसका प्रदर्शन तथा इससे अपने शारीरिक स्वास्थ्य से होने वाले फायदो के बारे में बताया जैसे कि चोमू स्थित बराला हॉस्पीटल के हॉल में तथा बनी पार्क के शिव मार्ग स्थित मीरा हॉस्पीटल की मालकिन डा० मीरा व उनके पति श्री सत्यनारायण जी पातोदिया के विशेष आग्रह तथा बराला हॉस्पीटल के मालिक डा०बी. एल बराला के आग्रह पर उक्त मेडीटेशन का प्रदर्शन किया तथा इसके बारे में बताया इसके अलावा जवाहर नगर के रामलीला मैदान के पास शिव मंदिर में ब्राह्मण स्वर्णकार समाज के पदाधिकारियों द्वारा इस चित्रकार को शाल ओढ़ाकर सम्मान किया तथा प्रशंसा पत्र भेंट किया तब स्टेज पर उक्त शक्तिवर्धक मेडीटेशन का प्रदर्शन किया तथा इससे होने वाले स्वास्थ्यप्रद फायदो के बारे में बताया।








22 से 24 अक्टूबर 2018 को बम्बई की आर्टिस्ट गीतादास ने जयपुर के रविन्द्रमंच स्थित अन्डर गाउँड आर्ट गेलेरी, आर्ट फेस्टीवल के तहत पेन्टिंग प्रदर्शनी का आयोजन किया था जिसमें नेमीचंद सोनी चैतन्य ने अपनी पेन्टिगों का प्रदर्शन किया था इसका उद्‌घाटन बम्बई से आये अभिनेता कंवलजीत व उसकी पटिन अनुराधा पटेल द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में जयपुर की ललितकला एकेडमी के भूतपूर्व अध्यक्ष चिन्मय मेहता तथा आर्ट कॉलेज के भूतपूर्व प्रिंसिपल डा० नाथूलाल जी भी आये थे तथा समापन को एवार्ड व प्रशंसापत्र दिये थे





2021 में बीकानेर के साहित्यकार श्री राजाराम जी सोनी एक किताब "जिन कदमों ने रचे रास्ते" शीर्षक से किताब छापने की तैयारी कर रहे थे,तब उन्होंने नेमीचंद को बताया कि इस किताब में मै आपकी जीवनी छापना चाहता हूँ जो उन्होंने किताब जिसमें बीकानेर के साहित्यकार व संगीतकार तथा समाज सेवी व चित्रकार इत्यादि विशिष्ठ व्यक्तियो के साथ मेरी जीवनी "नेमीचंद सोनी स्वामी चैतन्य सत्यार्थी जिसका कर्म ही पूजा है" के शीषर्क से किताब छाप दी है जिसमें इसके जन्म से लेकर 2021 तक की आर्ट व ओशो मेडीटेशन की गतिविधियो के बारे में छाया है।





2022 में उदयपुर की वेस्ट जॉन कल्चर सेन्टर तथा मेक फाउडेसन के संयुक्त तत्वाधान में दि. 22 से 28 सितम्बर को शिल्पग्राम में इन्टरनेशनल केलीग्राफी आर्ट केम्प का आयोजन उक्त सेन्टर की डायरेक्टर श्रीमती किरण सोनी गुप्ता द्वारा आयोजित किया गया था उसमें भाग लेने के लिये आर्टिस्ट एण्ड केलीग्राफर नेमीचंद सोनी को आमंत्रित करने पर वो उदयपुर के केलीग्राफी केम्प में भाग लेने गया था वहाँ एवार्ड तथा सर्टीफिकेट तथा केली ग्राफी आर्ट की पेन्टिग तथा कलाकारी के बारे में प्रकाशित बुक तथा अन्य गिफ्ट. सभी कलाकारो को प्रदान किये गये।





समापन समारोह में सभी कलाकारों ने अपने आर्ट के बारे में तथा इस केम्प के बारे में स्टेज पर अपना उद्बोधन व्यक्त किया जिसमें नेमीचंद सोनी चैतन्य ने भी अपने सम्बोधन में किरण सोनी द्वारा 20 वर्ष पूर्व बीकानेर में आयोजित "कला कुम्भ" तथा इस कैलीग्राफी केम्प के आयोजन का धन्यवाद दिया।






दिनांक 3 से 8 फरवरी 2023 को ललित एकेडमी जयपुर द्वारा जवाहर कला केन्द्र के शिल्प ग्राम में 23 कला मेले का आयोजन किया गया जिसका 3 फरवरी को राजस्थान के शिक्षा व कला मंत्री श्री बी.डी कला तथा श्री राजीवजी अरोड़ा राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद इन्होंने कला मेले की स्टालो का अवलोकन किया इस कला मेले में चित्र कलाकार नेमीचंद सोनी ने भी अपनी पेन्टिगों का प्रदर्शन स्टाल नं. 95 में किया था इस स्टाल में बिन्दु डावर सलूजा के पोट्रेट व मार्डन आर्ट की पेन्टिगे तथा आर्टिस्ट तरुनम की प्राकृतिक दृश्य की पेन्टिंगें तथा नेमीचंद सोनी चैतन्य के पोट्रेट तथा लेण्ड स्केच की पेन्टिगे तथा पूजा भारद्वाज की पेन्टिंगे तथा उनका स्कलप्चर तथा सिनियर केलीग्राफर हरीशंकर बालोठिया की अद्भूत केलीग्राफ की आकृतिया जो पेड़ की डालियो से बनी एक औरत की आकृतिया इन सभी की कलाकृतियों को बड़े चाव से उन्होने देखा व प्रशंसा की इस प्रदर्शनी को देखने सिनियर आर्टिस्ट श्री विद्यासागर जी तथा आर्ट कालेज के भूतपूर्व प्रिंसिपल श्री डा० नाथूलाल जी तथा घनश्याम जी निर्बाक व ललित एकेडमी के भूतपूर्व अध्यक्ष श्री चिन्मय जी मेहता व सुरेन्द्र जी सोनी तथा वर्तमान सचिव श्री रजनीशजी हर्ष तथा सिनियर आर्टिस्ट श्री गोपाल जी खेताची और जयपुर के सभी कलाकार तथा कला प्रेमी लोगो ने प्रदर्शनी मे प्रदर्शित पेन्टिगों का अवलोकन कर प्रशंसा की।




छायाकार महेश स्वामी द्वारा 19 वी प्रदर्शनी आयोजित की स्क्रीन पर साहित्य "कमरे से कलम तक" जयपुर के जवाहर कला केन्द्र की परिजात कला दीर्घा द्वितीय में दिनांक 19 फरवरी से 28 फरवरी 2023 तक आयोजन के तहत दि०19 फरवरी को सांय 5 बजे उद्घाटन हुआ जिसके मुख्य अतिथि प्रो. एन. पी. पाड़ी निर्देशक मालवीय राष्ट्रीय प्राधागिक संस्थान तथा विशेष अतिथि श्री गोपाल शर्मा वरिष्ठ पत्रकार व संपादक महानगर टाईम्स जयपुर तथा इन्दुशेखर तत्पुरुष वरिष्ठ साहित्यकार व भूतपूर्व चेयरमैन राजस्थान साहित्य अकादमी के साथ प्रो. एन पी पाड़ी ने प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया इस कार्यक्रम में आर्टिस्ट नेमीचंद सोनी चैतन्य को आमंत्रित किया गया था जो इस उद्‌घाटन कार्यक्रम में उपरोक्त व्यक्तियों साथ मौजूद थे तथा इनको महेश स्वामी ने स्मृति चिन्ह जिसमें सोवियत रूस के दार्शनिक वासिलीवसुलोट्सकी के आध्यात्मिक विचार लिखे है तथा सुबह के उगते सूर्य की लालीमा अथाह सागर में प्रतिबिम्बीत होते हुवे का मनोहरी दृष्य चित्रित है आर्टिस्ट नेमीचंद सोनी को भेंट किया गया।






आर्टिस्ट नेमीचंद सोनी चैतन्य जयपुर में कोई भी आर्ट सम्बन्धी कार्यक्रम तथा जयपुर के अलावा आल इन्डिया में कहीं भी पेन्टिंग आर्ट सम्बन्धी तथा ओशो मेडीटेशन केम्पो में हमेशा भाग लेते रहे है

 
 
 

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