प्रस्तुति में संगीत, नृत्य , भाव, रंग चित्र व साहित्य का समागम
- A1 Raj
- 16 अप्रैल 2023
- 2 मिनट पठन
स्टूडेंट ने प्रसिद्ध कलाकारों की पेंटिंग के मुखोटे पहन कर दी प्रस्तुति
स्लो बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ मूवमेंट करते हुए चले ब्रश , तो उमरी आकृतियां
इन स्टूडेंट ने दी प्रस्तुति
साहित्य जगत की हस्तियां हुई शामिल स्टूडेंट्स ने छोटी अमिट छाप
प्रस्तुति में संगीत, नृत्य , भाव, रंग चित्र व साहित्य का समागम
विश्व कला दिवस (15 अप्रैल 2023) के अवसर पर आज चित्रकला विभाग, ललित कला संकाय, राजस्थान विश्वविद्यालय, के द्वारा एक लाइव आर्ट परफॉर्मेंस- आर्ट, बॉडी, एक्शन
एनकाउंटर आर्ट इन अ डिफरेंट वे, शीर्षक से आयोजित की गयी।कार्यक्रम की शुरुआत में चित्रकला विभाग के हैड प्रोफेसर आई. यू. खान ने विश्व कला दिवस पर सभी को बधाइयां दी व कार्यक्रम का आगाज़ किया। डॉ कृष्णा महावर ने परफॉर्मेंस आर्ट और थिएटर के अंतर को बताते हुए समकालीन कला प्रयोगों पर प्रकाश डाला।

यह परफॉर्मेंस एक अमूर्त शैली में निर्मित शरीरिक भंगिमाओं से ओतप्रोत एक सजीव प्रदर्शन था। इसकी प्रक्रिया पूरी तरह इम्प्रोवाइजेशन पर आधारित रही है।नॉन लीनियर पद्धति में गूंथा यह परफॉर्मेंस सम्प्रेषण के लिए पूर्णतः स्वतंत्र था।

यह परफॉर्मन्स डॉ कृष्णा महावर , (असिस्टेंट प्रोफेसर व कलाकार ) द्वारा परिकल्पित व निर्मित की गई है।

साहित्य जगत की हस्तियां हुई शामिल
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ कलाकार , कला शिक्षक ,छात्र छात्राएं, कलाप्रेमी ,शोधार्थी मौजूद रहे। जिनमे से प्रो एंजेलिका शर्मा, डीन ललित कला संकाय, प्रो शब्बीर हसन काजी, प्रो तनुजा सिंह, डॉ सुमित सेन, डॉ अमिता राज गोयल, डॉ राजेन्द्र प्रसाद, डॉ जगदीश मीना, डॉ लोकेश जैन, डॉ मनी भारतीय, चंद्र शेखर सेन , डॉ अनिल गुप्ता , मूमल तंवर , डॉ राहुल चौधरी व डॉ हर्षित वेयर के अतिरिक्त कला, थिएटर , साहित्य ,संगीत से जुड़े लोग उपस्थित थे।


स्टूडेंट्स ने छोटी अमिट छाप
इन स्टूडेंट ने दी प्रस्तुति
यह परफॉर्मेंस ड्राइंग एंड पैंटिंग डिपार्टमेन्ट, यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के विद्यार्थियों की भागीदारी से बनी है। अनिल करोल ,मोहित कालरा, विकास मीणा , विनोद मीणा ,रविना मीना, सौम्या जैन ,रजनी मुंडोतिया ,प्रज्ञा सोनी ,ललिता सैनी, प्रदीप यादव ,रेखा सोनी ,राकेश प्रजापत, सोनिया चौधरी ,सुनीता सैनी, याचना सिंह, कल्पना मौर्य ,सौरभ प्रजापत विद्यार्थी चित्रकला विभाग , राजस्थान विश्वविद्यालय के द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर में अध्ययनरत है।








इन विद्यार्थियों के साथ प्रक्रिया के दौरान प्रशिक्षित नाट्य निर्देशकों की वर्कशॉप भी ली गयी थी। जिन्होंने शारीरिक, वाचिक और सांगीतिक गतिविधियों द्वारा विद्यार्थियों में आत्मविश्वास उत्पन्न किया।










परफॉरमेंस आधे घंटे की अवधि की थी। और इसमें संगीत, नृत्य, शारीरिक हाव भाव, रंग, चित्र व साहित्य का समागम किया गया था। जिसने सभी दर्शको पर एक अमूर्त प्रभाव छोड़ा। अंत मे ललित कला संकाय की डीन, प्रोफेसर एंजेलिका शर्मा व रेक्टर डॉ अमिता राज गोयल ने सभी को आशीर्वचन व धन्यवाद ज्ञापित किया।









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