तिकड़ी का त्रिकोण डॉ. रेणु शाही l
- A1 Raj
- 15 अक्टू॰ 2023
- 4 मिनट पठन
कलाकार कश्यप, अभिषेक, और श्याम की तिकड़ी ।
दृश्यकला के कई विधाओं में पारंगत राजकीय कला विद्यालय, जयपुर के तीन विद्यार्थियों ने अपनी कला का एक नया प्रतिमान बनाया है l अभी हाल ही मे जवाहर कला केंद्र के एक प्रदर्शनी दीर्घा में इनके कला का नया रूप देखने को मिला l
इन्होंने राग देश मल्हार प्रदर्शनी में कई विधाओं की कलाकृति प्रदर्शित की जिसने संस्थापना कला के द्वारा भारतीय संगीत के पक्ष पर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया l

यह प्रदर्शनी इंडियन म्यूजिक आर्ट एवं कल्चर सोसायटी तथा उस्ताद इमामुद्दीन खा द्वारा संयुक्त तत्वाधान में करवाया गया था l जिसमें केशव कश्यप , अभिषेक सैनी और श्याम सुंदर प्रजापत द्वारा तानपुरा नामक कलाकृति यह संदेश देती है कि तानपुरा, जोकि एक तत्त्ववाद है l हमारे भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रतीक है l इसे संस्थापन विधा में बनाया गया है l यह कृति भारतीय परंपरा को प्रदर्शित करने के साथ-साथ यह संदेश दे रही है कि आज के युवाओं को अपनी परम्पराओं से जुड़ने का प्रयास करना चाहिए l

केशव कश्यप का कहना है कि मल्हार को लेकर बनाये गये कलाकृति में इन्होंने तानपुरा और दिन-ब-दिन खत्म हो रही है भारतीय संस्कृति को बचाने के लिए संदेश दिया है l क्योंकि आजकल की जो पीढी है वह सभी पश्चिमी संस्कृति, पश्चिमी गानों को सुनना पसंद करती है l इसलिए एक चेहरे के माध्यम से जो मिट्टी में सिर के बल खड़ी है, के माध्यम से एक आस को दिखाया है कि हम चीटियां भी बच्चे हैं जो सूखे हुए पेड़ और तानपुरा पर चढ़ रही हैं l चीटियों के माध्यम से हमने पश्चिमी संस्कृति को दिखाया है कि वह कैसे धीरे-धीरे हमारी संस्कृति को खोखला कर रही है

कलाकार केशव कश्यप का जन्म 9 अक्टूबर 2001 को जयपुर शहर के पास खेजरोली गांव में हुआ था l इनके पिता का नाम श्री राम टेलर हैं l इनके द्वारा बनाई गई अन्य कलाकृतियों में सुलझी हुई जिंदगी और चमकीले एवं फ्लैट कलर जो की जिंदगी के सरल सद्भाव और प्रकाश को दिखाते हैं l उनके अन्य चित्रों में उन्होंने विद्यार्थियों के कमरें के कोने में उनके बिखरे और सुसज्जित समान को दिखाया है l जिसमे हर विद्यार्थी के संघर्ष का पता चलता है l इसी प्रकार जब वह अपने गांव खेजरोली की गलियों से निकलता है तो वहां के घर और विद्यार्थियों के संघर्ष और गांव के रंगों को अपनी आंखों में सहज लेता है और भीड़ भरी दुनिया मैं तलाशने में लगते है और अपनी कलाकृति को कोरे कैनवास पर पिरोता हैं l

कलाकार अभिषेक सैनी का जन्म 15 जुलाई 2001 को मावंडा गांव नीम का थाना में हुआ इन्होंने अपने काम में मां और बच्चे के प्यार को दिखाया है कि कैसे एक मां अपने बच्चों के लिए अपना सारा जीवन समर्पण कर देती है । इसके अलावा अपने दूसरे काम जो वर्तमान परिस्थिति में ये दिखाया है कि हमे अपने बुरे समय को भुला कर वर्तमान में जीना चाहिए और अपने कर्म करते रहना चाहिए l ताकि हमारा भविष्य बहुत ही अच्छा और सुंदर हो।

इनके द्वारा संस्थापना कला के माध्यम से निर्मित किया गया एक हृदय पिघला देने वाला दृश्य बनाया गया है l जो हाल ही में हुए उड़ीसा ट्रेन हादसे (जो की दो ट्रेन के आपस में टकराने से हुआ था ) को लेकर अभिव्यक्त किया गया है l इसमें कलाकार केशव कश्यप और अभिषेक सैनी ने लोगों के दु:ख और करुणा को दिखाया है l उनकी आशा और मां से बात करता हुआ एक विद्यार्थी, उसकी आंखों से निकलते हुए आंसू के माध्यम से उन्होंने बताना चाहा है कि किस प्रकार एक माँ अपने बेटे का इंतजार करती है l और जब वह कुछ पल में अपने बेटे को अपने पास नहीं पाती तो कैसे बेचैन हो कर उसे ढूंढ रही होती है l कला के माध्यम से उनके भाव और उनकी पीड़ा को हम सहज ही देख सकते हैं l उन्होंने अपने कला द्वारा यह भी दर्शाया कि पल - पल बदलती इस दुनिया में कुछ भी स्थाई नहीं है l हमें हमेशा अपने भीतर सद्भाव रखना चाहिए और सभी को खुशियां देने का प्रयास करना चाहिए l

इसी क्रम में कलाकार श्याम सुंदर का जन्म 16 मई 2001 को अजमेर शहर के किशनगढ़ में हुआ था I इनके पिता का नाम राजू प्रजापत हैं I इनके द्वारा बनाई गई कलाकृति में यथार्थवादी चित्रण शैली दिखती है एवं अभी यह धुएँ (स्मोक) से चित्रण का कार्य कर रहें है l जिसका प्रयोग वह पेपर और कैनवास पर कर रहे l तथा यह बताने का प्रयास कर रहे कि यह कार्य कैसे किया जा सकता है l इनके इस प्रयोग को अभी बहुत सराहा भी जा रहा है l
देखा जाये तो वर्तमान समय में जहां एक तरफ कला विद्यार्थियों की रुचि केवल प्रमाण-पत्र प्राप्त करके सरकारी नौकरी करने की रह गई है l वही दुसरी तरफ़ ऐसे होनहार एवं कर्मठ विद्यार्थी नित नए प्रयोग कर, कला जगत का मस्तक ऊँचा उठा रहे हैं l जिसके लिए मैं उन्हें आशीर्वाद के साथ ही अग्रिम भविष्य की शुभकामनाएं भी प्रदान कर रही हूँ l
धन्यवाद l
आलेख- डॉ. रेणु शाही
कला आचार्य (अतिथि)
राजस्थान स्कूल ऑफ आर्ट ,
डा. यस. राधाकृष्णन, शिक्षा संकुल जयपुर ( राजस्थान )
Email- Dr.renushahi@yahoo.co.in







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