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डॉ. रेणु के शिव और कल्कि

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 17 अप्रैल 2024
  • 2 मिनट पठन


जवाहर कला केंद्र के सुकृति कला दीर्घा में अभी लगभग 75 महिला कलाकारों की एक अनूठी कला प्रदर्शनी का आयोजन विनीता आर्ट के सौजन्य से आयोजित की गई। जहा डेढ़ सौ के लगभग छोटे आकार के चित्रों की प्रदर्शनी एक साथ देखने को मिली l प्रदर्शनी का उदघाटन मुख्य अतिथि के रूप मे आए हिमांशु गौतम के करकमलों द्वारा किया गया था l

इस प्रदर्शनी में सभी कलाकारों ने भारत, विशेषकर राजस्थान के प्राचीन एवं इतिहास ऐतिहासिक भवनों एवं साँस्कृतिक विरासत को अपने चित्रों में उकेरा है जो बहुत ही सुंदर कृतियों के रूप में देखने को मिली l इन्हीं चित्रों में दो कृतियां डॉ. रेणु शाही की थी जो बहुत प्रसिद्ध स्थानों की ना होते हुए भी अलग दिखाई दे रही थी l उन्होंने बताया कि इन दो चित्रों में एक नाथद्वारा में स्थित "विश्वास स्वरूपम" की शिव प्रतिमा की है l और दूसरा विष्णु के अंतिम अवतार 'भगवान कल्कि' के 'अश्व के मदिर' का चित्र है जो लगभग 300 वर्षों से हवामहल के निकट अवस्थित है l परंतु राजस्थान क्या जयपुर के ही लोगों को इसके बारे में नही पता है l

इसमे उन्होंने ऐक्रिलिक रंगों में इम्प्रेसतो तकनीकी में काम किया है l अर्थात एक बैठक में ही चित्र को पूरा करना l डॉ. शाही ने यह भी बताया कि दो वर्ष पहले इन्होंने शोध लेखन का कार्य भी किया था जो शोध पत्रिका में प्रकाशित हो चुका है l तथा इनके द्वारा चेन्नई के एक सेमिनार में इसके ऊपर वाचन व प्रस्तुति भी किया जा चुका है l इसीलिए इस मंदिर से इनका एक आत्मिक जुडाव है जिसे चित्रों में उकेरा है l यह एक कला आचार्य है जो जयपुर के कला महाविद्यालय में रहते हुए लेखन में भी सक्रिय है lप्रदर्शनी के समापन में मुख्य अतिथि पवन गोयल , सफारी ग्रुप के निदेशक के द्वारा सभी कलाकारों को सम्मान - पत्र दे कर किया गया l

 
 
 

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