डॉ. रेणु शाही का अंतर्राष्ट्रीय कला शिविर में प्रतिभागिता एवं सम्मान
- A1 Raj
- 7 अप्रैल 2023
- 2 मिनट पठन
भारतीय कला इतिहास एवं संस्कृति में राजस्थान का महत्वपूर्ण स्थान है! इस कलात्मक एवं सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन करने हेतु दुनिया भर से कला प्रेमी, रंग बिरंगी सांस्कृतिक परंपरा तथा पर्यटन हेतु प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में लोग राजस्थान आते हैं!

इन्हीं परंपराओं को समेटे हुए राजस्थान का जनपद उदयपुर है! कला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए झीलों का शहर उदयपुर, सीमाओं से परे प्रेम एवं सद्भावना के उद्देश्य से छह दिवसीय कला शिविर का आयोजन किया गया I

यह कार्यक्रम ' Indo-Nepal-Bangladesh Frendship Programme' अन्तर्राष्ट्रीय कला एवं संस्कृति के आदान-प्रदान के अंतर्गत कला शिविर एवं कला प्रदर्शनी के रूप मे दिनांक 2 से आरंभ होकर 6 अप्रैल 2023 तक चला

जिसमे चित्रकला, मूर्तिकला एवं संगीत विधा के कलाकारों की सहभागिता रही l

यह आयोजन Society for Prabal Pramani's Academy of Arts and Artists Guild Ajitgarh के द्वारा सम्मिलित रूप से किया गया l

इसमें भारत, बांग्लादेश तथा नेपाल जैसे देशों से आये कुल 48 कलाकारों ने अपनी-अपनी कृतियों से दर्शकों को लाभान्वित किया I

कालक्रम का आयोजन उदयपुर में बागोंर की हवेली में किया गया जिसका उद्घाटन उदयपुर के प्रसिद्ध कलाकार एवं कलाविद श्री सुरेश शर्मा द्वारा किया गया I

इस अक़्सर पर वहां के गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ अन्य असहनीय कलाकार भी उपस्थित थे l सभी चित्रकारों एवं अतिथियों को अंगवस्त तथा साफा ( टोपी) पहनाकर स्वागत किया गया l
इस कला शिविर में जयपुर से डॉक्टर रेणु शाही को आमंत्रित किया गया l

डॉक्टर रेणु ने भारतीय कला धरोहर को लेकर चित्रण किया जो दर्शकों को स्वतः ही आकर्षित कर लेती थी I डॉ. शाही जयपुर के ललित कला महाविद्यालय में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं और साथ ही लेखन के कार्य में भी सक्रिय हैं इनके बहुत से लेख कई पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं l

डॉक्टर शाही का कहाना है कि ये कला के क्षेत्र निरंतर सेवाए दे रही है तथा इस प्रकार के कार्यक्रमों में सम्मिलित होकर स्वयं को उर्जावान एवं गौरवान्वित महसूस करती हैं l

कार्यक्रम के आयोजन समिति से श्री अरूप चन्द्र एवं प्रोफेसर ईश्वर दयाल द्वारा उन्हें शुभकामनायें एवं बधाई दी गई l







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