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जयपुर में 5 साल की बच्ची को आवारा कुत्तों ने नोच-नोच घायल किया

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 18 जून 2023
  • 2 मिनट पठन

जयपुर शहर के विभिन्न मोहल्लों में आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया कि लोगों का घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। कई मोहल्लों में आवारा कुत्ते छोटे बच्चों को काट कर घायल कर चुके हैं।बेनाड रोड बलोची नगर वार्ड 2 में रहने वाले शीशपाल व आशा की पांच साल की नन्हीं बेटी बुलबुल को अनेक आवारा कुत्तों ने नोच-नोच घायल कर दिया। बुलबुल को कुत्तों ने नोच नोच के इतना घायल कर दिया की इलाज के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल ले गए। इसके बाद भी नगर निगम ने इन कुत्तों से लोगों को राहत दिलाने की कोई पहल नहीं की है।


कुत्तों द्वारा नोंची गई बुलबुल की असली फोटो आपको परेशान कर सकती है इसलिए हमने उस फोटो को यहां अपलोड नहीं किया
जयपुर में 5 साल की बच्ची को आवारा कुत्तों ने नोच-नोच घायल किया

कुत्तों द्वारा नोंची गई बुलबुल की असली फोटो आपको परेशान कर सकती है इसलिए हमने उस फोटो को यहां अपलोड नहीं किया



कुत्तों पर निगम का नहीं है ध्यान

इस सबके बावजूद भी निगम इन कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई विशेष कदम नहीं उठा रहा यूं तो कुत्ते को सबसे वफादार जानवर माना जाता है, लेकिन अगर यह वफादारी भूल जाए तो जानलेवा हो सकता है शहर के अंदर ऐसी कोई गली और मोहल्ला नहीं जहां आवारा कुत्तों का आतंक न हो। शाम ढलने के बाद शहर के गली-मोहल्लों में पैदल या दुपहिया पर निकलना खतरे से खाली नहीं दोपहर में भी ये कुत्ते बच्चों को निशाना बनाने से नहीं चूकते।




बच्चों के बीच आवारा कुत्तों का खौफ

शहर के विभिन्न सड़कों और मोहल्लों में इन कुत्तों का खौफ इस कदर छाया हुआ है कि लोग रात तो रात दिन में भी इनके झुंड को देखकर रास्ता बदल लेने में ही गनीमत समझते हैं। कुत्तों के आतंक से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को सबसे अधिक खतरा है। लोगों में सामाजिक कार्यकर्ता राज कुमार ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा की जल्द से जल्द इन आवारा कुत्तों की समस्या से निजात दिलाने के लिए ठोस से ठोस कदम उठाया जाए।


 
 
 

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