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खण्डेलवाल वैश्य गर्ल्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में वर्धमान महावीर खुला विश्वविधालय, कोटा के सहयोग से राष्ट्रीय संगोष्ठी "विकसित भारत @2047 विकास की ओर बढ़ते कदम" का उ‌द्घाटन समारोह का आयोजन

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 20 जुल॰ 2024
  • 3 मिनट पठन

वैशाली नगर स्थित खण्डेलवाल वैश्य गर्ल्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में वर्धमान महावीर खुला विश्वविधालय, कोटा के सहयोग से दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी "विकसित भारत @2047 विकास की ओर बढ़ते कदम" का उ‌द्घाटन समारोह का आयोजन दिनांक 19 जुलाई 2024 को खण्डेलवाल वैश्य गर्ल्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में किया गया। समारोह में पीडब्लयूडी महिला बाल विकास राज्य मंत्री प्रो. मंजू बाघमार मुख्य अतिथि, कुलपति राजस्थान विश्वविद्यालय डॉ. अल्पना कटेजा मुख्य वक्ता, कुलपति वर्धमान महावीर खुला विश्वविधालय, कोटा डॉ. कैलाश सोडानी कार्यक्रम अध्यक्ष, एस के वी इ टी ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष सोहनलाल तांबी जी, अध्यक्ष प्रकाश चंद्र खंडेलवाल, महासचिव मुरारी लाल गुप्ता, डॉ. अंजु गुप्ता प्राचार्या (KVGIT) और ट्रस्ट की अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। इस अवसर पर सभी सम्मानित अतिथियों को पुष्प गुच्छ, श्रीफल भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। समारोह की शुरुआत एसकेवीईटी ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष सोहनलाल तांबी द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत कर किया और सभी प्रतिभागियों को संगोष्ठी में सफलता पूर्वक शोध पत्र वाचन के लिए शुभकामनाएं दी।

तत्पश्चात महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. अंजु गुप्ता द्वारा अतिथियों का परिचय उद्बोधन देते हुए संगोष्ठी कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया और कहां की इस संगोष्ठी में तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिसमें लगभग ढाई सौ प्रतिभागी और 50 विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया है। इन तीन तकनीकी सत्रों के माध्यम से भारत के विकसित विजन को प्राप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी और साथ ही यह घोषणा भी की प्रत्येक सत्र में श्रेष्ठ शोध पत्र को ₹5000 की नगद धनराशि का पुरस्कार दिया जाएगा। सभी प्रतिभागियों को संगोष्ठी को सफल बनाने के लिए आभार और शुभकामनाएं दी।

इसी क्रम में आगे राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति महोदया प्रोफेसर अल्पना कटेजा ने समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी हमारे अमृत पीढ़ी है, संगोष्ठी का विजन भारतीय युवाओं के कौशल व क्षमताओं पर निर्भर करता है इसी के लिये शेक्षणिक क्षेत्र में कई बदलाव के बाद नई शिक्षा नीति लागू की गई है जिसमें छात्रों के व्यक्तित्व विकास के लिए अनेक कार्यक्रमों को समायोजित किया गया है ताकि एक ऐसे युवा वर्ग का विकास हो जो कि आत्मविश्वास के साथ प्रत्येक क्षेत्र में अपने आप को साबित कर सके। इसके साथ ही विकसित भारत को देखने के लिए हमें सतत विकास की आवश्यकता है और युवाओं में स्वदेशी वस्तुओं की उपयोगिता को बढ़ाने पर बल दिया साथ ही पर्यावरण स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

इसी क्रम में कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री प्रोफेसर मंजू बाघमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संगोष्ठी के विजन को सामूहिक एकता के प्रयासों से ही प्राप्त किया जा सकता है। यदि हम सब एक साथ मिलकर प्रयास करें तो 2047 में पुनः भारत को सोने की चिड़िया बनाया जा सकता है इसके लिए युवाओं की संपूर्ण सहभागिता और शिक्षाविदों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत विश्व समुदाय में तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है इसमें सबका साथ सबका विकास विजन और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों का महत्वपूर्ण योगदान है। साथ ही युवा इनोवेशन में रिफॉर्म परफॉर्म ट्रांसफार्म की नीतियां लागू करनी होगी।

कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति, वर्धमान महावीर खुला विश्वविधालय डॉ. कैलाश सोडानी ने संबोधित करते हुए कहा कि आज डिजिटल दुनिया का जमाना है वर्तमान में वर्क कल्चर अपनाये जाने की जरूरत है। प्रत्येक छात्र भारत में लागू सभी कानून की पालना स्वविवेक से करें। साथ ही युवा पीढ़ी शिक्षक, चिकित्सक, इंजीनियर, डॉक्टर को अपना रोल मॉडल बनाएं। इन्हीं शिक्षकों की वजह से 18% शिक्षा से 85% शिक्षा, चिकित्सकों की वजह से 32 वर्ष आयु औसत आयु से 75 वर्ष औसत आयु तक पहुंचा जा सका है। देश भर में 140 करोड लोगों में से मात्र आज 2 करोड लोग ही टैक्स चुका रहे हैं। कार्यक्रम को अंतिम रूप देते हुए संगोष्ठी सचिव डॉ. क्षमता चौधरी धन्यवाद उ‌द्बोधन ज्ञापित किया।

संगोष्ठी के उ‌द्घाटन समारोह के पश्चात प्रथम तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया इस सत्र में शैक्षणिक परिपेक्ष से विकसित भारत विजन का विश्लेषण प्रतिभागियों ने अपने-अपने विषय संदर्भ के दृष्टिकोण से किया। प्रथम तकनीकी सत्र में अध्यक्ष डॉक्टर ममता जैन प्रोफेसर ईएफएम विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर, डॉक्टर रिटा जैन प्राचार्या एसएस जैन सुबोध गर्ल्स कॉलेज जयपुर रही, जिसमें लगभग 30 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किया। इसके पश्चात द्वितीय सत्र में प्रतिभागियों द्वारा विकसित भारत विजन को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक परिपेक्ष्य में विश्लेषित करने का प्रयास प्रतिभागियों द्वारा किया गया। वहीं द्वितीय सत्र में डॉ. मनोज गुप्ता पूर्णिमा यूनिवर्सिटी जयपुर, डॉ. विधि कौल एजुकेशनिष्ट कोलकाता, डॉ. रेनू बिष्ट एसोसिएट प्रोफेसर जूलॉजी विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय, डॉक्टर चित्रा चौधरी असिस्टेंट प्रोफेसर अर्थशास्त्र विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर ने अध्यक्षता की जिसमें लगभग 35 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से अपने-अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए । तृतीय सत्र एवं समापन समारोह का आयोजन दिनांक 20 जुलाई 2024 शनिवार को किया जाएगा ।

 
 
 

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