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कर्मचारियों के महापड़ाव से प्रदेश में गड़बड़ाया विधुत तंत्र

  • लेखक की तस्वीर: A1 Raj
    A1 Raj
  • 23 अग॰ 2023
  • 2 मिनट पठन

रात में मोबाईल टॉर्च जलाकर किया अनोखा प्रर्दशन

कर्मचारियों के महापड़ाव से प्रदेश में गड़बड़ाया विधुत तंत्र

जयपुर। राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश व्यापी आव्हान पर 13 सूत्री मांग पत्र को लेकर जयपुर के जगतपुरा स्थित सीबीआई फाटक के समीप शुरू हुआ महापड़ाव बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें प्रदेशभर के लगभग 20 हजार से अधिक कर्मचारी मौजूद रहे।

महापड़ाव के तीसरे दिन निगम प्रबंधन द्वारा आंदोलनकारियों को वार्ता के बुलाया गया। शाम 4 बजे शुरू हुई बातचीत लगभग एक घंटे चली, जिनसे निगम प्रबंधन ने मांगों पर सहमति जताई और जल्द ही मांगे पूरी करने का निर्णय लिया लेकिन आंदोलनकारी नेताओ ने मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं करने के कारण बातचीत को छोड़ दिया, जिससे पहले दौर की वार्ता विफल हुई। राजस्थान विधुत तकनीकी कर्मचारी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने मांगे पूरी नहीं होने और लिखित आदेश जारी नहीं होने तक महापड़ाव जारी रखने का निर्णय लिया।



बुधवार को महापड़ाव को राजस्थान राज्य विधुत मंत्रालयिक संघ के प्रदेश अध्यक्ष लिखमाराम जाखड़ प्रतिनिधित्व मंडल के साथ महापड़ाव के समर्थन के पहुँचे। प्रदेशाध्यक्ष पृथ्वीराज गुर्जर ने बताया कि हजारों कर्मचारी जयपुर में आन्दोलनरत हैं लेकिन निगम अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ रही और सरकार जितना ज्यादा समय मांगे पूरी करने में लगा रही है, उतना ही कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।




सरकार और निगम प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों को पूरा नही करती तो कर्मचारियों का धैर्य कभी भी जवाब दे सकता है इसलिए कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा निगम और सरकार नही ले अन्यथा गंभीर परिणाम हो सकते हैं।




इन मांगों को लेकर डाला जा रहा है महापड़ाव–

जयपुर में चल रहे महापड़ाव में पुरानी पेंशन की विसंगती को दूर करने की मांग के साथ ही एक निगम से दूसरे निगम में स्थानांतरण करने, नये केडर का ऑप्शन ले चुके टेक्नीकल हेल्पर कर्मचारियों के 2400 व 2800 ग्रेड पे के जयपुर डिस्कॉम की भाँति फिक्सेशन डेट ऑफ जॉइनिंग से करने, दिसम्बर 2015 में हुई टूल डाऊन हड़ताल से पीड़ित प्रसारण निगम के कर्मचारियों के विरूद्ध की गई समस्त दमनात्मक कार्यवाहियों को निरस्त करने, नए केडर में ऑप्शन ले चुके डिप्लोमाधारी तकनीकी कर्मचारियों को पुराने केडर में 1.4.2018 और 1.4.2019 की स्थिति में प्रमोशन दिलाने, हेल्पर द्वितीय की ग्रेड पे 1750 या 1850 से बढ़ाकर 2000

करने, आरजीएचएस स्कीम को विधुत निगमों में भी राज्य सरकार के अन्य विभागों के समान तरीके से लागू करने, आउटडोर की लिमिट राशि को राज्य सरकार के विभागों की तरह अनलिमिटेड करने, 1.1.2004 से पूर्व में नियुक्त कार्मिकों एवं विधुत निगम पेंशनरों को भी आरजीएचएस स्कीम की सुविधा राज्य सरकार के कार्मिकों की भाँति दिलाने, हार्डड्यूटी अलॉउंस राशि दिलाने, बिजली कर्मचारियों के लिए बिजली फ्री करने, 12वीं पास अनुकंपा नियुक्ति कर्मचारियों को एलडीसी बनाया जाने, विद्युत निगमों में कनिष्ठ अभियंता द्वितीय की पोस्टों को पुनर्जीवित करके अन्य विभागों की भांति डिप्लोमा होल्डर तकनीकी कर्मचारियों को पदोन्नति देने, मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के मुताबिक एफआरटी टीम एवं जीएसएस संचालन के लिए लगाए गए कर्मचारियों को ठेकेदारी से मुक्त करके संविदा पर लगाने, सीनियर इंजिनियरिंग सुपरवाईजर का पद पुनर्जिवीत कर सृजित करने, प्रसारण निगम में प्रत्येक 132 केवी जीएसएस पर इंजिनियरिंग सुपरवाईजर का पद सृजित करने की मांग रखी है।

 
 
 

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