इंटेंसिफ़ाइड मिशन इंद्रधनुष 5.0 और मीजल्स रूबेला एलिमिनेशन मीडिया वर्कशॉप
- A1 Raj
- 4 अग॰ 2023
- 2 मिनट पठन
वैक्सीन की जागरूकता फैलाने में मीडिया से सहयोग अपेक्षित डॉ. प्रियंका गोस्वामी ( एमडी. एन एच एम)
प्रत्येक बच्चों को वैक्सीन मुहैया कराना लक्ष्य: डॉ. इसाबेल बर्डेन
यह मिशन सबसे सुरक्षित और प्रभावशाली कार्यक्र डॉ. मनीषा चावला
हमें अपनी जिम्मेदारी समझने की जरूरत डॉ राकेश विश्वकर्मा
जयपुर: इंटेंसिफ़ाइड मिशन इंद्रधनुष 5.0 की मीडिया वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में एन एच एम की एम डी डॉ. प्रियंका गोस्वामी, इम्मयूनाइजेशन के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. देवेंद्र सौंधी, रघुराज सिंह, यूनिसेफ राजस्थान चीफ इसाबेल बर्डेन, डॉ. मनीषा चावला, अंकुश सिंह ने अपनी बात रखी।

यूनिसेफ राजस्थान की चीफ इसाबेल बर्डेन ने कहा कि यह मिशन सरकार का कमिटमेंट है। प्रत्येक बच्चों को वैक्सीन मुहैया कराना एक बड़ा लक्ष्य है। सभी बच्चों को सुरक्षा देने के लिहाज से हम सरकार के साथ काम कर रहे हैं।
आर आई प्रोग्राम के और आई एम आई के कैंपेन के बारे में बताते हुए इम्मयूनाइजेशन के स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ देवेन्द्र सौंधी ने बताया कि यह नियमित टीकाकरण का विस्तार है। हर साल 2.7 करोड़ नवजात और 3 करोड़ महिलाओं को वैक्सीनेट करने का टारगेट है। एन एफ एच एस के आंकड़ों के अनुसार हमने फुल इम्मयूनाइजेशन कवरेज में अच्छी प्रगति की है। उन्होंने कहा कि कोविडकाल के बाद से लोगों के अंदर वैक्सीन को लेकर जागरूक बढ़ी है, जिससे मिशन को फायदा मिला है।

नेशनल हेल्थ मिशन की एम डी डॉ. प्रियंका गोस्वामी ने कहा कि मीडिया के सहयोग से 3 फेज में कार्यक्रम करके हम अपने टारगेट को पूरा करेंगे।
इम्मयूनाइजेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रघुराज सिंह ने यू विन के के बारे में समझाते हुए बताया कि हमारा लक्ष्य बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करके उनका टीकाकरण करना है। उन्होंने बताया कि कोविड के दौरान ड्राप ऑउट का कवरेज 91 प्रतिशत से 85 प्रतिशत तक कम हुआ, जिसे मिशन के माध्यम से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने 3 राउंड में प्रोग्राम के माध्यम से हम लोगों को चिन्हित कर उनका टीकाकरण करेंगे।

राजस्थान में मीजल्स रूबेला को एलिमिनेट करने के लिए रोडमैप को समझाते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन राजस्थान से जुड़े डॉ. राकेश विश्कर्मा ने छूट गए बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करने और वैक्सीनेट करने पर जोर देने की बात कही। उन्होंने बताया कि मीजल्स रूबेला को खत्म करना एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में हमें अपनी जिम्मेदारी समझने की और जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
यूनिसेफ की हेल्थ ऑफिसर डॉ मनीषा चावला ने वैक्सीन से जुड़े मिथ और तथ्यों पर बात की। उन्होंने कहा कि यह सबसे सुरक्षित और प्रभावशाली कार्यक्रम है। उन्होंने 1796 में हुआ सबसे पहला सफल वैक्सीन प्रोग्राम को बताते हुए वैक्सीन के सुरक्षित होने, साइड इफैक्ट, बच्चों पर बुरा असर होने जैसे तमाम मिथकों पर बात की। उन्होंने बताया कि वैक्सीन वर्षों की वैज्ञानिक शोध और कई चरणों के टेस्ट से तैयार होती है, यह पूरी तरह सुरक्षित है।








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